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सबकी नजर भाजपा की बंद मुट्ठी पर

Lakhimpur Updated Sat, 02 Jun 2012 12:00 PM IST
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कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा से तेज हुई चुनावी हलचल
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सपा, बसपा का समर्थन पाने को दावेदारों में होड़
लखीमपुर खीरी। नगरपालिका लखीमपुर के अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस उम्मीदवार घोषित होने के बाद शहर में चुनावी हलचल और तेज हो गई है। भाजपा ने अब तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। सबकी नजर भारतीय जनता पार्टी की बंद मुट्ठी पर टिकी हुई है। सपा और बसपा भले ही अपने चुनाव निशान पर नगर निकाय का चुनाव न लड़ रही हो लेकिन इन पार्टियों का समर्थित उम्मीदवार बनने के लिए दावेदारों की भीड़ कम नहीं है।
भारतीय जनता पार्टी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर कुछ ज्यादा ही उत्साहित है। शहरी मतदाताओं के बीच होने वाले स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर भाजपा को उत्साहजनक परिणामों की अपेक्षा है। यही कारण है कि भाजपा में टिकट के दावेदारों की संख्या सबसे ज्यादा है। दावेदारों की यही भीड़ पार्टी के लिए मुसीबत बन गई है। उसे अपना उम्मीदवार तय करने में परेशानी उठानी पड़ रही है। हालांकि पार्टी सूत्रों के मुताबिक एक दो-दिन में उम्मीदवारों का चयन हो जाने की उम्मीद है।
अभी तक उम्मीदवार का नाम तय न होने के बावजूद दावेदारों ने पार्टी के सिंबल के साथ अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव पिछले तीन महीने से न केवल चुनाव प्रचार में जुटी हैं बल्कि लगातार जनसंपर्क भी कर रहीं हैं। उन्होंने अपनी होर्डिंग्स पर भाजपा का चुनाव निशान और भाजपा नेताओं की तस्वीरें भी छपा रखीं हैं। भाजपा महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष आशा रस्तोगी भी कमल के फूल और भाजपा के नाम के साथ चुनाव प्रचार कर रहीं हैं।
उधर अध्यक्ष पद अनारक्षित होने के बाद उमेश मिश्र, अनूप शुक्ला, पन्ना लाल अगवाल और सुनील सिंह ने भी चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है और शहर भर में इन लोगों ने अपनी होर्डिंग्स लगा दी हैं। नगर पालिका की पूर्व अध्यक्ष नीरूपुरी ने अध्यक्ष पद की सीट अनारक्षित होने के बाद अपने पैर वापस खींच लिए हैं। फिलहाल लखीमपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद की उम्मीदवारी में कौन दावेदार कामयाब होगा इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं।
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सपा और बसपा का समर्थन पाने के लिए होड़
सपा ने स्थानीय निकाय चुनाव में किसी उम्म्ीदवार को अपना चुनाव निशान न देने की घोषणा कर रखी है। इससे नगर निकाय चुनाव लड़ने के इच्छुक इन पार्टियों के कार्यकर्ताओं में मायूसी है। इसके बावजूद पार्टी का समर्थन हासिल करने के लिए दावेदारों में होड़ लगी हुई है। कई दावेदारों ने अपने आवेदन दे रखे हैं। इनमें अजय गुप्ता और दिव्या सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। दोनों का चुनाव प्रचार भी गति पकड़ता जा रहा है। हालांकि पार्टी ने अभी तक किसी को समर्थन देने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है।
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पीस पार्टी में भी शुरू हुई खींचतान
विधानसभा चुनाव की तरह स्थानीय निकाय चुनाव में भी खींचतान शुरू हो गई है। अभी तक रमेश अपने को पीस पार्टी का उम्मीदवार मान कर चुनाव प्रचार कर रहे थे। अब चित्रा मिश्रा ने भी लखीमपुर नगर पालिका अध्यक्ष पद के लिए पीसपार्टी के टिकट का दावा ठोक दिया है। यही नहीं उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अयूब के फोटो के साथ अपना प्रचार शुरू कर दिया है। इस तरह अभी से पीस पार्टी में टिकट के लिए घमासान शुरू हो गया है।
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चुनाव में नाते-रिश्ते सब दाव पर
नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश वाजपेयी का बसपा के समर्थन से चुनाव लड़ना तय माना जा रहा है। इस बार उनका मुकाबला उनके बेहद करीबी दोस्त रमेश कटियार की पत्नी डॉ. उमा कटियार,
उनकी नजदीकी रिश्तेदार चित्रा मिश्रा और मित्र उमा शंकर मिश्र से हो सकता है। डॉ. उमा कटियार और उमा शंकर मिश्र निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर रहे हैं जबकि चित्रा मिश्रा पीस पार्टी से चुनाव मैदान में उतर सकती हैं।

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