पुराने ढर्रे पर बाढ़ से निपटने की तैयारी!

Lakhimpur Updated Wed, 30 May 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
लखीमपुर खीरी। मानसून आने को है और जिले में इस दौरान आने वाली दैवीय आपदा ‘बाढ़’ से निपटने की प्रशासनिक तैयारी फिलहाल कुछ उसी तर्ज पर शुरू हुई है जैसी पिछली साल प्रशासन ने की थी। आंकड़े गवाह है कि उस दौरान बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित रही तहसील पलिया सहित अधिकतर तहसीलों के बाढ़ में फंसे लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने तक की जहमत जिला प्रशासन ने नहीं उठाई। यही वजह रही कि पिछले साल बाढ़ की विभीषिका में आठ लोगों की जहां डूबकर मौत हो गई वहीं नौ पशु भी असमय काल के गाल में समा गए। अगर पिछले अनुभवों से भी प्रशासन ने सीख नहीं ली तो बाढ़ के दौरान जिले में होने वाले नुकसान को रोक पाना काफी मुश्किल होगा।
पिछले साल आई बाढ़ में आठ लोगों की जानें चली र्गइं थी, साथ ही मोहम्मदी को छोड़ शेष अन्य तहसीलों की करीब सवा तीन लाख से अधिक आबादी भी प्रभावित हुई थी।
पिछले साल आई बाढ़ के दौरान मोहम्मदी तहसील को छोड़ शेष सभी पांचों तहसीलों के करीब 237 ग्राम के 3,16271 लोग प्रभावित हुए थे। पलिया तहसील के सर्वाधिक 63 गांवों सहित 123 ग्राम ऐसे थे जो पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। इनमे लखीमपुर के 40, धौरहरा के सात तथा गोला तहसील के 13 गांव भी शामिल हैं। इन प्रभावित गांवों के किसानों की करीब 0.91137 लाख हेक्टेयर बोई फसल भी प्रभावित हुई थी। एक अनुमान के मुताबिक इससे किसानों को 362.92 लाख रुपये की हानि भी हुई थी।
0000
आठ जन, नौ पशु हानि भी
पिछलेे साल आई बाढ़ में लखीमपुर में चार, निघासन, धौरहरा, गोला तथा पलिया में एक-एक लोग बाढ़ विभीषिका के चलते असमय काल के गाल में समा गए थे। जबकि निघासन में एक, पलिया में पांच तथा गोला तहसील क्षेत्र में बाढ़ के कारण नौ पशुओं की डूबने से मौत हो गई थी।
0000
प्रशासनिक आंकड़े ही खामी के गवाह
प्रशासनिक आंकड़ों और दावों की ही बात करें तो पिछली साल बाढ़ की चपेट में आए 237 गांवों के 3,16,271 लाख लोग प्रभावित हुए। 323 नावें बचाव और राहत कार्य में लगाई गईं। आठ शिविर भी लगाने की बात कही गई है, लेकिन इन्हीं आंकड़ों में प्रभावित दिखाई गई पांच तहसीलों में से सिर्फ लखीमपुर तहसील से 2400 तथा धौरहरा तहसील से 570 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की बात कही गई है। इससे साफ है कि बाढ़ के दौरान सर्वाधिक रूप से प्रभावित पलिया तथा निघासन तहसील के बाढ़ में बुरी तरह फंसे एक भी व्यक्ति को निकाल कर सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया।
00000
सीएम के निर्देश भी बेअसर
चार अप्रैल को दौरे के समय मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नदी कटान से लोगों को राहत के लिए जहां 18 करोड़ रुपये के कार्यों को हरी झंडी दी थी वहीं बाढ़ के दौरान फंसे लोगों को निकालने और राहत पहुंचाने के लिए दो नए स्टीमर भी खरीदने को कहा था। बचाव कार्य के टेंडर होने के बाद भी अधिकतर स्थानों पर कार्य नहीं शुरू हो सका है, जहां शुरू हुआ वहां काफी मंद गति से कार्य हो रहा है। स्टीमर भी अभी तक खरीदा नहीं जा सका है। जबकि कागजों में प्रशासन द्वारा बाढ़ और राहत की सभी तैयारी लगभग पूरी बताई जा रही हैं।
0000
पिछले साल कहां रही बाढ़, कितने लोग हुए प्रभावित
तहसील प्रभावित ग्राम प्रभावित जनसंख्या
लखीमपुर 40 0.70000 लाख
निघासन 63 0.82740 लाख
धौरहरा 58 0.67601 लाख
गोला 13 0.08738 लाख
पलिया 63 0.87192 लाख
कुल योग: 237 3,16271 लाख

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

ग्वालियर में आंध्र प्रदेश एक्सप्रेस के 4 डिब्बों में लगी आग, बचाए गए 37 डिप्टी कलेक्टर

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के बिरला नगर पुल के पास आंध्रा एक्सप्रेस की चार बोगियों में आग लगने की खबर है।

21 मई 2018

Related Videos

VIDEO: जब किसानों के लिए मंडी पहुंची गुलाब देवी, दिए ये आदेश

लखीमपुर खीरी के दौरे पर आईं राज्य मंत्री गुलाब देवी ने मंडी समिति और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंडी समिति के निरीक्षण के दौरान उन्हें क्रय केन्द्र पर गेहूं खरीद बंद मिली, किसान भी नजर नहीं आए।

17 मई 2018

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen