अधिकारियों के ‘दर्शन’ मुश्किल, जनता की सुने कौन

Lakhimpur Updated Sun, 20 May 2012 12:00 PM IST
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‘जनता दर्शन’ के फरमान को भूलने लगे अधिकारी
लखीमपुर खीरी। युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव द्वारा प्रतिदिन 10 बजे से 12 बजे तक जनता दर्शन में जनता की समस्या सुनने संबंधी डीएम-एसपी को दिए गए निर्देश का असर यहां धीरे-धीरे कम होने लगा है। कुछ दिनों तक सीएम के फरमान का असर झलकने के बाद स्थिति फिर से पुराने ढर्रे पर पहुंचती जा रही है। जिसका खामियाजा फरियादियों को भुगतना पड़ रहा है। अमर उजाला टीम को आज डीएम-एसपी के कार्यालय में कुछ इसी तरह का नजारा देखने को मिला।
टीम जब सुबह करीब 10.35 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची तो वहां पुलिस अधीक्षक राजेद्र सिंह अपनी सीट पर नहीं थे। अपने दफ्तर में बैठे एएसपी सौमित्र यादव फरियादियों को सुन रहे थे। एसपी कार्यालय से बाहर आती कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम बड़ागांव निवासी नकाब में शबनम अपने पिता अबरार व मां के साथ हाथ में प्रार्थनापत्र लिए मिल मुख्यद्वार पर मिल गई। पूछने पर बताया कि गांव का ही एक पंचायत मित्र शाबान ने शादी का झांसा देकर पहले उससे जबरिया जिस्मानी ताल्लुकात बनाए। दोनों परिवारों में शादी की बात भी तय हो गई लेकिन पिछले माह वह मुकर गया। बोली-कोतवाली पुलिस कुछ सुन नहीं रही है, दो बार एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया, लेकिन नतीजा सिफर रहा। बाद में वह पेड़ की छांव में एसपी के आने का इंतजार करने बैठ गई।
एसपी कार्यालय के बाहर फरियादियों की कुर्सी पर भी कुछ पीड़ित बैठे एसपी के आने का इंतजार कर रहे थे। उनमें से एक भीरा थाना क्षेत्र के ग्राम धमरिया निवासी सतीश भी था। आने का कारण पूछने पर वह अपने शरीर पर चोट के निशान दिखाने लगा। बोला-गांव के ही धीरेंद्र, वीरेंद्र व राधे आदि ने मिल कर उसे सिर्फ इस लिए मारा क्योंकि गांव के जिस शारदा नामक युवक से उनकी दुश्मनी चलती है उनका वह साथी है। भीरा को उसने रिपोर्ट लिखाने को तहरीर भी दी थी, लेकिन पुलिस ने एनसीआर लिख कर टरका दिया। भीरा थाना क्षेत्र का ही घायल रिंकू अपनी व्यथा एसपी को सुनाने आया था। बोला-गांव के कुछ दबंगों ने बेवजह बुरी तरह मारा पीटा। पुलिस से शिकायत की, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
करीब 11.00 बजे डीएम दफ्तर पर सन्नाटा छाया था। हालांकि इससे पहले डीएम के न रहने पर एडीएम उनके कार्यालय में बैठ कर जनता की समस्याएं सुना करते थे, लेकिन आज एडीएम के अवकाश पर रहने के कारण डीएम के दफ्तर में जनता दर्शन को कोई मौैजूद नहीं था। यहां उनके कार्यालय के सामने सीढ़ियों के पास पड़ी बेंच पर कोतवाली सदर क्षेत्र के सूर्यभान सिंह तथा गोला क्षेत्र के रीबेन बहादुूर बैठे हाथ में प्रार्थना पत्र पकड़े मिले। दोनों ही फरियादी शस्त्र लाइसेंस स्वीकृत कराने संबंधी प्रार्थना हाथ में लिए थे। हालांकि उनके सीट के ऊपर ही जिलाधिकारी ने शस्त्र संबंधी आवेदन प्राप्त करने के लिए शुक्रवार का दिन नियत कि या है, वहां मौजूद स्टाफ ने भी इस निर्देश की जानकारी दी लेकिन दोनों ही 12 बजे तक डीएम के आने की बाट जोहते रहे, लेकिन डीएम अपने दफ्तर उस समय तक नहीं पहुंच सके थे।
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मैं शुक्रवार को शासन बैठक में लखनऊ गया था। कुछ कार्य बाकी रह गए थे, वो निपटाकर वहां से चला। करीब 11 बजे दफ्तर पहुंच गया। इस बीच एएसपी से फरियादियों की समस्या सुनते रहे। दफ्तर आने के बाद लंच पर भी नहीं गया, क्योंकि फरियादियों के आने का सिलसिला तीन बजे तक जारी रहा। शबनम भी उनसे इस बीच मिली। सभी मामलों में आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं।
राजेंद्र सिंह, एसपी लखीमपुर
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डीएम-एसपी के लिए शासनादेश आ गया है कि अब वह सिर्फ सप्ताह में तीन दिन सोमवार, गुरुवार व शुक्रवार को ही जनता दर्शन का आयोजन करेंगे। आज शनिवार था तथा अन्य कई सरकारी कार्य निपटाने थे, इसलिए दुपहर तक दफ्तर नहीं गए।
अभिषेक प्रकाश, जिलाधिकारी

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