विज्ञापन

प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं लोग

Lakhimpur Updated Tue, 15 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। खीरी जिले के लगभग आधे क्षेत्र में आर्सेनिक की मात्रा बढ़ जाने से पानी प्रदूषित हो चुका है। लोग कई प्रकार की बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। तकरीबन छह साल पहले हुए सर्वेक्षण में इस बात का खुलासा हुआ। इसके बावजूद अब तक क्षेत्र को इस प्रदूषित पानी से निजात नहीं दिलाई जा सकी है। हालांकि, इससे निजात दिलाने की कवायद चल रही है, लेकिन जो कवायद हुई वह इतनी कारगर साबित नहीं हो सकी जिससे लोगों को पीने का साफ पानी मिल सके ?
विज्ञापन
तराई क्षेत्र में धीरे-धीरे आर्सेनिक की मात्रा बढ़ती जा रही है। जिले के ब्लाक पलिया, निघासन, धौरहरा, रमियाबेहड़ और ईसानगर के 165 मजरों की आबादी प्रदूषित पानी से प्रभावित हैं। यहां के लोग सालों से आर्सेनिक युक्त प्रदूषित पानी पी रहे हैं। उपरोक्त ब्लाकों में अक्तूबर 2006 में भूगर्भीय जल का सर्वेक्षण हुआ। इसमें वहां के पानी में आर्सेनिक का स्तर 0.05-0.11 मिलीग्राम प्रति लीटर पाया गया था। जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर बुरे परिणाम देखने को मिल रहे हैं। लंबे समय तक प्रदूषित पानी के इस्तेमाल से आर्सेनिकोसिस नामक बीमारी होने का खतरा रहता है।
00000
क्या हैं मानक?
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानक के अनुसार पेयजल में आर्सेनिक की मात्रा 0.01 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक नहीं होनी चाहिए। आर्सेनिक युक्त पानी की अधिकतम मात्रा मूत्र के जरिए शरीर से बाहर निकल जाती है। जबकि अवशेष नाखूनों और बालों में एकत्र हो जाता है और बीमारियों के रूप में नुकसान पहुंचता है।
00000
क्या हैं लक्षण
सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एमए खान ने बताया कि इससे प्राय: सिरदर्द, पेटदर्द, दस्त, मांसपेशियों में खिंचाव के अलावा लंबे समय तक पानी का इस्तेमाल करने से प्रभावित व्यक्ति के नाखूनों का रंग बदलने के साथ ही सफेद धब्बे पड़ने लगते हैं।
00000
बचाव के उपाय
डॉक्टरों का कहना है, कम गहराई वाले हैंडपंप के पानी के प्रयोग से बचें। आयुर्वेदिक के चिकित्सक डॉ. सुनील वर्मा और डॉ. एससी गुप्त ने बताया कि प्रतिदिन एक से तीन लहसुन की कली का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। लहसुन में मौजूद गंधक शरीर में जमा अर्सेनिक की सफाई करने में सहायक होती है।
0000
जिले के पांच ब्लाकों की 165 बस्तियों के भूगर्भीय सर्वेक्षण में आर्सेनिक 50 से 110 पीबीपी तक पाया गया था। पाइप लाइन के जरिए अधिक गहराई का पानी लोगों तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। जहां पानी की लाइने नहीं बिछाई गई है, वहां इंडिया मार्का हैंडपंप लगवाए गए हैं। स्वच्छ पेयजल के लिए महकमा मुस्तैद है।
-एसबी आनंद, अधिशासी अभियंता, जल निगम, खीरी।
0000000000 2
पानी की जांच का कोई इंतजाम नहीं
मोहम्मदी। प्रदूषित पानी को चेक करने के लिए ब्लाक और सीएचसी पर कोई इंतजाम नहीं है। लोग प्रदूषित पानी पीने को मजबूर हैं। नगर के कई मोहल्लों में प्रदूषित पानी पहुंच रहा है। इसमें कीड़े भी निकलते हैं। यही हाल गांवों का है। घरों में लगे नलों का पानी काफी देर रखने से लबीला होकर बाल्टी में सफेद रंग की परत छोड़ जाता है।
यह पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। इस पानी का परीक्षण करने के लिए सीएचसी पर कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।
0000
हानि से बचना है तो पानी में क्लोरीन मिलाकर पियें
प्रदूषित पानी को शुद्ध करने के लिए सीएचसी प्रभारी डॉ. एयूपी सिन्हा ने बताया कि एक बाल्टी पानी में एक गोली क्लोरीन की डाले और अगले दिन सवेरे इसका इस्तेमाल करें। पानी को उबालकर उपयोग में लाएं। ब्लाक के कर्मचारियों ने बताया कि गत वर्ष जल परीक्षण करने के लिए कुछ किटें आई थीं, जिन्हें गांवों में वितरित कर दिया गया था। नगर पालिका परिषद के ईओ पीएन दीक्षित का कहना है कि पानी सप्लाई करने से पूर्व ब्लीचिंग पाउडर का प्रयोग किया जा रहा है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Lakhimpur Kheri

युवक को बिजली खंभे में बांधकर जमकर पीटा

युवक को बिजली खंभे में बांधकर जमकर पीटा

20 नवंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: जब किसानों के लिए मंडी पहुंची गुलाब देवी, दिए ये आदेश

लखीमपुर खीरी के दौरे पर आईं राज्य मंत्री गुलाब देवी ने मंडी समिति और जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। मंडी समिति के निरीक्षण के दौरान उन्हें क्रय केन्द्र पर गेहूं खरीद बंद मिली, किसान भी नजर नहीं आए।

17 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree