नेत्रहीन मां-बाप का सत्यवती बनी सहारा

Lakhimpur Updated Sun, 13 May 2012 12:00 PM IST
बिजुआ। एक फलसफा है, कि बुढ़ापे में लाठी टेकाने के लिए एक बेटा जरूरी है, लेकिन इस बेटी ने इस फलसफे को झुठला दिया। पड़रिया तुला के बालगोविंद एवं चंद्रवती के घर जन्मी इस बिटिया ने होश संभालते ही एक मां का फर्ज पूरा करना शुरू कर दिया। बच्चा जब अपने घुटनों के बल से खड़े होकर चलने की पहली कोशिश करता है, तो वह उंगली मां की होती है, लेकिन सत्यवती की कहानी जरा उलट है। होश संभालकर सत्यवती ने पहला कदम बढ़ाया तो अपनी नेत्रहीन मां को रास्ता दिखाने के लिए और पिता को भी।
पड़रिया तुला के बालगोविंद व उनकी पत्नी चंद्रवती देख नहीं सकते। लेकिन उनकी इकलौती बेटी सत्यवती उनकी आंखें है। दुनिया के जिस रंग को इन दोनो ने न देखा था, सत्यवती ने अपनी आंखों से उस दुनिया को दिखला दिया। बाल गोविंद बताते हैं कि उनके कई बच्चे हुए, लेकिन उनकी मौत हो गई। लेकिन सत्यवती जन्म लेकर उनका सहारा बन गई। सत्यवती पर होश संभलाते ही अपने अंधे मां-बाप की जिम्मेदारी आ पड़ी। जिस उम्र में मां अपने बच्चे को एक-एक कदम चलना सिखाती है, उस उम्र में बाल गोविंद व चंद्रवती ने अपनी बिटिया सत्यवती की उंगली पकड़ कर राह चलना सीखा। उम्र बढ़ने के साथ-साथ जिम्मेदारियां बढ़ती गईं, लेकिन सत्यवती उसे एक-एक कर निभाती चली गई। थोड़ी बड़ी हुई तो सत्यवती अपने मां-बाप के लिए एक बेटा बन गई। वह अपने मां-बाप को एक ठिलिया पर बिठा लेकर चलने लगी। मां-बाप को नाते रिश्तेदारी जाना हो या मेला-बाजार, अस्पताल जाना हो या फिर खेत खलिहान, सत्यवती अपनी ठिलिया पर बैठाकर हर जगह चल देती, ताकि उन्हें खुद को आंखों से मजबूर व कोई बेटा न होने का अहसास तक न हो। दिन व रात मे फर्क न समझ पाने वाले बालगोविंद व चंद्रवती को उनकी ये बेटी एक मां की तरह रोज शाम को दुनिया भर के किस्से कहानी भी सुनाती।
इंसेट....
विदाई के बाद भी बिटिया की सेवा में कमी नहीं
सत्यवती बड़ी हुई तो मां-बाप को उसकी फिक्र होना लाजिमी था, अपनी बेटी को सयानी देखकर उसका विवाह कर दिया है, नेत्रहीन मां-बाप के अकेले रह जाने की वजह से सत्यवती के पति सर्वेश भी इसी गांव में रहने लगे। दूसरे घर की बहू हो जाने के बाद भी सत्यवती अपने मां-बाप का एक मां की तरह ख्याल रखती है। सत्यवती उन लोगों के लिए एक आइना है, जो एक बेटे की खातिर बेटियों का कोख में कत्ल कर रहे हैं। सतयुग में श्रवण कुमार ने अपने नेत्रहीन मां-बाप को तीर्थ यात्रा कराई थी, लेकिन ये बेटी अपने मां-बाप की खिदमत कर खुद तीर्थ का पुण्य कमा रही है।

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

यूपी में ‘एनकाउंटर अभियान’ के तहत एक लाख का इनामी ढेर

यूपी एसटीएफ ने एक कार्रवाई के तहत इनामी बदमाश बग्गा सिंह को ढेर किया। जानकारी के मुताबिक एसटीएफ ने कार्रवाई लखीमपुर-खीरी के पास नेपाल बॉर्डर पर की है। बात दें कि बग्गा सिंह कई मामलों में वांछित था और इसके सिर पर एक लाख रुपये का इनाम था।

18 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper