प्रशासन ने चलाया कर्मियों को बचाने का अस्त्र

Lakhimpur Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
गेहूं बरामदगी का मामला
बोरे किसी के, गेहूं पुराना फिर भी दे दी प्रभारी को क्लीन चिट
अधिकारियों को दिखकर भी नहीं दिखीं यह खामियां, भूमिका पर सवाल
पलियाकलां। धर्मकांटे पर खड़े मिले चार ट्रकों पर लदे बोरे राज्य कर्मचारी कल्याण निगम और चालान पीसीएफ ढकिया का होने के बावजूद बृहस्पतिवार को क्रय केंद्र प्रभारी को क्लीन चिट देकर हिरासत से आजाद कर दिया गया। खास बात तो यह है कि ट्रक पर लदे बोरों में जो गेहूं भरा है वह पुराना बताया जा रहा है। नए सीजन में पुराना गेहूं भी गोरखधंधे को उजागर कर रहा है, लेकिन यह खामियां दिखने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारियों की आखों से ओझल हो गईं। क्लीन चिट दिए जाने से प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठ खड़े हुए हैं।
गौरतलब है कि पूर्व पालिकाध्यक्ष के नगर पालिका रोड स्थित गोदाम से राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के बोरों में भारी मात्रा में गेहूं और मार्का बरामदगी के दौरान शक के आधार पर भंडारण का गेहूं धर्मकांटे पर लादे खड़े चार ट्रकों को चेक किया गया था। इन ट्रकों पर लदे बोरों पर मार्का राज्य कर्मचारी कल्याण निगम का लगा बताया जा रहा था, लेकिन चालान पीसीएफ ढकिया का था। यह अपने आप में फर्जीवाड़े को दर्शा रहा था, इसके अलावा बोरों में भरा ज्यादातर गेहूं पुराना था जो फर्जीवाड़े को बल दे रहा था। इसी के आधार पर ढकिया के प्रभारी को एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने हिरासत में भी ले लिया था, लेकिन रात बीतते ही यह सब खामियां प्रशासनिक अधिकारियों की नजरों से ओझल हो गईं और प्रभारी को क्लीन चिट देकर हिरासत से आजाद कर दिया गया। अब बताया जा रहा है कि बोरे पीसीएफ के ही हैं। पूरे इलाके में इसकी चर्चा ने जोर पकड़ लिया है और प्रशासन की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं। उधर गोदाम पर हुई बरामदगी पूरी तरह से राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के इर्द गिर्द घूमने के बावजूद अभी तक इसके कर्मियों के खिलाफ कोई भी कार्रवाई न किया जाना प्रशासन की भूमिका को और भी संदिग्ध कर रहा है। लोगों का मानना है कि अधिकारियों की यही कार्यप्रणाली खाद्यान्न माफियाओं को बढ़ावा दे रही है और क्षेत्र में खाद्यान्न का काला कारोबार फल फूल रहा है। इसमें सरकारी कर्मचारी भी हाथ धो रहे हैं।
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गड़बड़झाले के बाद भी ट्रक नहीं आए कस्टडी में
प्रशासन की भूमिका पर सवालों की झड़ी सी लगती जा रही है। धर्मकांटे पर बुधवार को ट्रकों पर राज्य कर्मचारी कल्याण निगम के बोरों में गेेेहूं पाया गया था और चालान पीसीएफ ढकिया का था तो फिर ट्रक को प्रशासन ने कस्टडी में क्यों नहीं लिए। लोगों का सवाल है कि क्या रात भर में बोरे बदले नहीं जा सकते? यह सवाल प्रशासन को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा कर रहा है।
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निलंबन की कार्रवाई कर झाड़ा गया पल्ला
ढाकिया प्रभारी विभागीय कार्रवाई के तहत निलंबित कर दिए गए हैं। लोगों की मानें तो यह कार्रवाई प्रभारी को जेल से बचाने के लिए झाड़ा गया पल्ला है। एसडीएम मनोज कुमार पांडे ने बताया कि प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है।
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जब ट्रकों पर लदा माल ठीक था तो विभागीय कार्रवाई क्यों?
प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो अब ट्रकों पर लदा गेहूं सही है। यदि यह गेहूं सही है तो फिर प्रभारी पर निलंबन की कार्रवाई क्यों?। यह जाहिर कर रहा है कि अधिकारी कुछ बचाने के लिए कुछ और कर रहे हैं।

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