डॉ. नूतन को क्लीनचिट

Lakhimpur Updated Tue, 08 May 2012 12:00 PM IST
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जांच में नहीं मिले पेट में स्पंज छूटने के साक्ष्य
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लखीमपुर खीरी। महिला चिकित्सालय में प्रसव के लिए आई एक महिला के पेट में स्पंज छूटने के मामले की जांच में डॉक्टर और स्टाफ नर्स के विरुद्ध साक्ष्य नहीं मिले हैं। जांच समिति को इस मामले में ऐसा कोई ठोस आधार नहीं मिला जिसके आधार पर डॉक्टर और स्टाफ नर्स पर दोष सिद्ध हो सके। जांच समिति ने इस आशय की रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी और महिला के पति सत्यप्रकाश त्रिवेदी को सौंप दी है। हालांकि महिला के पति ने जांच टीम पर दोषी डॉक्टर से मिले होने का आरोप लगाया है।
ग्राम महेवागढ़ी निवासी सत्यप्रकाश त्रिवेदी ने सीएमओ को प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उसने 18 दिसंबर को जिला महिला अस्पताल में पत्नी पूनम त्रिवेदी का सिजेरियन आपरेशन डॉ. नूतन मेहरोत्रा से कराया था। आपरेशन डॉ. नूतन मेहरोत्रा और स्टाफ नर्स राधिका सिंह ने किया था। आरोप था कि डॉक्टर ने अपरेशन के दौरान उसकी पत्नी के पेट में स्पंज का टुकड़ा छोड़ दिया। इसके बाद उसकी पत्नी के पेट में दर्द हुआ तो उसने फिर डॉ.नूतन मेहरोत्रा को दिखाया लेकिन मरीज को कोई लाभ नहीं हुआ। इसके बाद उसने डा. राधेश गुप्ता के नर्सिंग होम में पत्नी को दिखाया, वहां आपरेशन के दौरान महिला के पेट से स्पंज का टुकड़ा निकला। सत्यप्रकाश त्रिवेदी की शिकायत पर तत्कालीन सीएमओ डॉ. जेपी भार्गव ने महिला सीएमएस डॉ. उमा प्रसाद, जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके शर्मा और अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आरएन द्विवेदी की तीन सदस्यीय टीम बनाई थी और जांच कर रिपोर्ट देने को कहा था। टीम ने सोमवार को जांच रिपोर्ट सीएमओ को सौंप दी। टीम ने जांच रिपोर्ट में बताया है कि उन्होंने डॉ. नूतन मेहरोत्रा और स्टाफ नर्स केभी बयान लिए हैं तथा गुप्ता नर्सिंग होम की डॉ. किशारी गुप्ता से भी पूछताछ की है। जांच के दौरान इस तरह की कोई सीडी डॉ.गुप्ता नहीं दिखा पाईं, जिससे पूनम त्रिवेदी के पेट में स्पंज छूटने की पुष्टि हो। टीम ने बताया है किशोरी गुप्ता ने अपने बयानों के अलावा ऐसा कोई ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया जिसके आधार पर यह प्रमाणित हो सके कि स्पंज मरीज के पेट से निकला है। टीम ने बताया है कथित स्पंज जांच समिति के समक्ष सील मोहर कर दिया गया है। जांच टीम ने कहा है स्पंज को फोरेंसिक जांच के लिए भेजना आवश्यक है, जिससे यह ज्ञात हो सके कि स्पंज की फिजिकल स्थिति कैसी है। डिस्चार्ज किस प्रकृति का है और कितने दिन पुराना है। रिपोर्ट प्राप्त होने पर ही फाइनल निष्कर्ष निकालना न्याय हित में होगा।
वहीं महिला के पति सत्य प्रकाश त्रिवेदी का आरोप है कि जांच रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत है। डॉ. नूतन मेहरोत्रा और राधिका सिंह का बचाव किया गया है। जबकि उसके पास इलाज के पर्चे आपरेशन की सीडी और अन्य सभी साक्ष्य हैं। सत्य प्रकाश ने मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
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