जनाब! 24 घंटे छोड़िए, 14 घंटे भी नहीं मिल रही बिजली

Lakhimpur Updated Mon, 07 May 2012 12:00 PM IST
समाजवादी पार्टी का घोषणा पत्र हवा-हवाई, पटरी से उतरी बिजली सप्लाई
रोस्टर का पालन नहीं, लोकल फाल्ट के नाम पर भी कटौती
पानी की किल्लत से भी जूझ रहे हैं शहरी
अशोक निगम
लखीमपुर खीरी। समाजवादी पार्टी की 24 घंटे बिजली सप्लाई के दावों की हवा निकल गई है। 24 घंटे तो दूर भीषण गर्मी के इस मौसम में 14 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीण इलाकों की हालत तो और भी खराब है। वहां मुश्किल से पांच-छह घंटे ही बिजली मिल पा रही है। बिजली कटौती के लिए विभाग ने जो रोस्टर तय कर रखा है, उस कटौती के अलावा भी बिना किसी सूचना के कई-कई घंटे बिजली गायब रहना आम बात है। बिजली कटौती से आम मुसीबतों के अलावा लोगों को पानी के संकट से भी जूझना पड़ रहा है।
विधानसभा चुनाव के पहले सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव और प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घोषणा की थी कि सपा की सरकार बनने पर प्रदेश में 24 घंटे की बिजली सप्लाई दी जाएगी, लेकिन सरकार बनते ही सपा का वादा काफूर हो गया। सरकार बनने के बाद बिजली व्यवस्था कुछ इस तरह पटरी से उतरी कि अब तक संभल नहीं पाई है। हालात यह हैं कि जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती जा रही है वैसे-वैसे बिजली का संकट और भी गहराता जा रहा है।
बिजली कटौती के रोस्टर के अलावा 24 घंटे में कई बार बिजली गायब होती है। कभी ट्रांसफार्मर फुंकने से तो कभी तार टूटने से। कभी-कभी तो विद्युत उपकेंद्र में लगे उपकरण ही दगा दे जाते हैं, इससे घंटों बिजली गायब रहती है। ग्रामीण इलाके में तो हालत और भी ज्यादा खराब हैं। वहां तो एक ट्रांसफार्मर बदलने में ही कई दिन लग जाते है। यदि कोई बड़ी समस्या आ गई तो हफ्तों लोग बिजली को तरस जाते हैं।
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यह है बिजली कटौती का रोस्टर
बिजली कटौती के मौजूदा रोस्टर के मुताबिक जिला मुख्यालय पर सुबह पांच बजे से नौ बजे तक तथा शाम को पांच बजे से सात बजे तक कुल छह घंटे की बिजली कटौती निर्धारित की गई है। इस तरह कटौती के बाद 24 घंटे में कुल 18 घंटे बिजली दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में पहले सप्ताह रात 10 बजे से सुबह आठ बजे तक ओर दूसरे सप्ताह सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक बिजली सप्लाई होनी है। न शहरी इलाके में और न ग्रामीण क्षेत्र में ही निर्धारित बिजली सप्लाई मिल पा रही है। शहर में मुश्किल से 14 घंटे और ग्रामीण क्षेत्र में पांच-छह घंटे बिजली मिल पा रही है।
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जर्जर उपकरण गर्मी बढ़ने पर दे जाते हैं दगा
जिले के सभी विद्युत उपकेंद्रों पर बीसों साल पुराने बिजली के उपकरण लगे हुए हैं जो जरा सा भी लोड बढ़ने पर दगा दे जाते हैं। ट्रांसफार्मर काफी पुराने हैं उनकी क्षमता भी काफी कम है जबकि उन पर लोड अधिक है। गर्मी में लोड और बढ़ जाता है, जिससे आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने की घटनाएं भी बढ़ जाती हैं। कर्मचारियों का टोटा होने से इनको दुरुस्त करने में कई बार कई-कई घ्ंाटे लग जाते हैं।
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पानी की किल्लत, हैंडपंप का अहमियत बढ़ी
नए रोस्टर के मुताबिक बिजली कटौती का जो समय तय किया गया है उससे सुबह पांच से नौ बजे तक बिजली कटौती हो रही है। यही समय नगर पालिका की पेयजल सप्लाई का भी है। बिजली गायब रहने से सुबह लोगों को पानी तक मयस्सर नहीं हो पा रहा है। लोग अपने घरों में जेट पंप ओर समरसेबुल भी नहीं चला पा रहे हैं। इससे लोगों को सुबह पानी के लिए हैंडपंप तलाश करना पड़ रहा है।
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कार्यक्षमता पर पड़ता है बुरा प्रभाव
अक्सर लोकल फाल्ट के चलते रात में घंटों बिजली गायब हो जाती है। रात में बिजली गायब होने से लोग रात-रात भर सो नहीं पाते लिहाजा दिन में कामकाज पर भी असर पड़ता है। कई बार लोग अपने कार्यस्थल पर सोते नजर आते हैं। नींद पूरी न होने से कार्य क्षमता भी बुरी तरह प्रभावित होती है।
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उद्योग और व्यापार दोनों प्रभावित
बिजली की अंधाधुंध कटौती से छोटे उद्योग बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। घंटों बिजली गायब रहने से उद्योगाें में काम ठप हो जाता है। गर्मियों में शाम को ही लोग बाजार निकलते हैं। उस समय बिजली गायब रहने से व्यापार भी प्रभावित होता है।
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सरकार का पावर कारपोरेशन पर कंट्रोल नहीं
समाजवादी पार्टी का 24 घंटे बिजली सप्लाई का वादा हवा हवाई साबित हुआ है। यहां 24 घंटे की बात जाने दीजिए 14 घंटे बिजली मिल पाना भी मुश्किल हो रहा है। ऐसा लगता है कि पावर कारपोरेशन पर सरकार का नियंत्रण ही नहीं है।
-जफर अली नकवी, सांसद (कांग्रेस)
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बिजली छोड़िए, सरकार हर मोर्चे पर फेल
बिजली ही नहीं सरकार तो हर मोर्चे पर फेल है। बिजली न मिलने से किसान अपने खेतों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। उद्योग और व्यापार चौपट हो रहे हैं। जो सरकार बिजली-पानी न दे पाए ऐसी सरकार का क्या मतलब। बिजली सप्लाई न सुधरी तो आंदोलन होगा।
-रोमी साहनी, विधायक (बसपा)
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घोषणा पत्र नहीं, झूठ का पुलिंदा
सपा सरकार का चुनावी घोषणा पत्र ही झूठ का पुलिंदा था। बिजली क्या कोई भी वायदा सपा सरकार पूरा नहीं कर सकी। सपा ने सरकार बनने पर 24 घंटे बिजली देने का वादा किया था। जबकि हालत यह हैं जितनी बिजली पहले मिल रही थी अब उतनी भी नहीं मिल रही।
-अजय मिश्र टैनी, विधायक (भाजपा)
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भरोसा रखें, कुछ समय तो लगेगा
पिछली सरकार में पटरी से उतरी बिजली व्यवस्था को सुधारने में कुछ समय तो लगेगा लेकिन सरकार कोशिश में है कि बिजली सप्लाई शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू रूप से हो। इसके लिए मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए हैं।
-उत्कर्ष वर्मा, विधायक (सपा)
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हम क्या करें, कटौती तो ऊपर से
बिजली कटौती का रोस्टर पावर कारपोरेशन से तय किया गया है उसके अनुसार यह रोस्टिंग मुरादाबाद कंट्रोल से की जा रही है। इसके अलावा भी आपात कटौती बिना किसी सूचना के की जाती है। लोकल फाल्ट होने पर उसका निस्तारण जल्दी करने का प्रयास किया जाता है। कुल मिलाकर बिजली सप्लाई की स्थिति संतोषजनक कही जा सकती है।
-बृज मोहन, अधिशाषी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम

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