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दो साल से शिक्षिका अंजुम आरा को नहीं मिला चार्ज

Lakhimpur Updated Sat, 05 May 2012 12:00 PM IST
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही अंधेरगर्दी के कारण एक शिक्षिका अपने से करीब 20 साल जूनियर शिक्षिका के अंडर में पिछले दो साल से कार्य करने पर मजबूर है। खास बात यह है कि आरोपी शिक्षिका को अपने से वरिष्ठ शिक्षिका को चार्ज देने संबंधी एबीएसए व बीएसए स्तर से कई आदेश भी दिए गए, लेकिन कथित तौर पर पिछली सरकार में अपनी ‘पहुंच’ के कारण उसने वरिष्ठ शिक्षिका को चार्ज नहीं दिया। मामले के संज्ञान में आने के बाद एडी बेसिक महेंद्र सिंह राना ने हाल ही में बीएसएस को वरिष्ठ शिक्षिका को चार्ज दिलाने के आदेश जारी किए हैं। मामला सदर विकास खंड क्षेत्र के ग्राम छाउछ स्थिति पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय का है।
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बताते चले कि इस विद्यालय में तैनात इंचार्ज अध्यापिका जाहिदा बेगम 31 जून 2010 को सेवा निवृत्त हो गई। वह अपना चार्ज विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका गीता रानी को देकर विद्यालय छोड़ गईं। छाउछ में इंचार्ज अध्यापिका के रिक्त चल रहे पद पर तत्कालीन बीएसए ने इसी विकास खंड के ग्राम डिम्हौरा स्थित पूर्व माध्यमिक कन्या विद्यालय की इंचार्ज अध्यापिका अंजुम आरा सिद्दीकी का स्थानांतरण 21 जून 2010 को इसी पद पर छाउछ में कर दिया। आदेश मिलने के बाद 14 जुलाई 2010 को अंजुम आरा डिम्हौरा से कार्य मुक्त हो उसी दिन छाउछ में उपस्थित भी दर्ज करा ली, लेकिन कार्यवाहक इंचार्ज अध्यापिका का काम देख रहीं श्रीमती सिद्दीकी से करीब 20 साल जूनियर गीतारानी ने उन्हें इंचार्ज अध्यापिका का चार्ज नहीं दिया। अंजुम आरा ने इस बाबत पत्र लिख कर बीएसए को अवगत कराया तो बीएसए ने एबीएसए को चार्ज दिलाने के आदेश कर दिए। सूत्रों की मानें तो तत्कालीन एबीएसए शैलेंद्र तीन बार गीतारानी से अंजुम आरा को चार्ज देने का आदेश जारी किया, फिर भी गीतारानी ने चार्ज नहीं दिया। एबीएसए की रिपोर्ट पर बीएसए ने भी आदेश दिए लेकिन फिर भी श्रीमती सिद्दीकी को चार्ज नहीं मिल सका। विभागीय सूत्रों के मुताबिक चार्ज पर बने रहने के लिए गीतारानी ने उच्च न्यायालय तथा एडी बेसिक का दरवाजा भी खटखटाया पर दोनोें ही जगह उन्हें निराशा हाथ लगी। फिर भी वह अभी तक श्रीमती अंजुमआरा सिद्दीकी को चार्ज नहीं दे रही हैं। पीड़ित शिक्षिका के लाचार पति ने मुख्यमंत्री को पत्र लिख कर पूरे मामले की जांच करा शिक्षिका सहित दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।



बीएसए के आदेश के खिलाफ गीतारानी मेरे पास अपील ले कर आईं थी। जिस पर मैंने दोनों शिक्षिकाओं के अभिलेख व बीएसए से रिपोर्ट मंगाई। पूरे मामले का परीक्षण करने के बाद पता चला कि अंजुमआरा सिद्दीकी ही वरिष्ठ अध्यापिका हैं। इस लिए गीतारानी की अपील खारिज करते हुए बीएसए को श्रीमती सिद्दीकी को इंचार्ज अध्यापिका का चार्ज दिलाने संबंधी आदेश जारी कर दिए गए हैं।
महेंद्र सिंह राना, एडी बेसिक


गीतारानी को पहले ही अंजुमआरा सिद्दीकी को चार्ज दिए जाने संबंधी आदेश जारी किया गया था। पर वह कभी उच्च न्यायालय तो कभी एडी बेसिक के यहां अपील करती रहीं। जिससे मामला लटका रहा। अब दोनों ही स्थानों से अंजुम आरा सिद्दीकी को चार्ज देने संबंधी आदेश मिल गए हैं। अब गीतारानी ने अगर चार्ज देने में हीला हवाली की तो उन्हें निलंबित करने के साथ उनके खिलाफ न्यायालय की अवमानना का मामला भी दर्ज कराया जाएगा।
देवकी प्रसाद, बीएसए

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