बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

किताबी पढ़ाई ही नहीं, संगीत की गूंज भी

Lakhimpur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
बस्तौली प्राइमरी स्कूल में बच्चों को मिला एक मंच
विज्ञापन

‘मां म्यूजिकल ग्रुप’ नाम से बनाया अपना ग्रुप
अब्दुल सलीम खान
बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। बस्तौली के इस सरकारी स्कूल की तस्वीर कुछ अलग है। यहां किताबी पढ़ाई के बाद ‘ढोलक की थाप’ और संगीत की मीठी धुन भी सुनाई देती है।
जी हां प्राथमिक विद्यालय बस्तौली की तस्वीर कुछ ऐसी ही है। स्कूल मे तैनात शिक्षामित्र ने यहां की प्रतिभाओं को पहचान कर संगीत की एक छोटी सी लौ जलाई थी, जो कि अब सूरज की तरह चमक रही है।
कुछ साल पहले तक यहां की तस्वीर भी दूसरे सरकारी स्कूलों जैसी ही थी, लेकिन 2002 में शिक्षामित्र संजीव बबलू ने यहां का माहौल ही बदल दिया। संजीव बताते हैं कि पढ़ाई के दौरान उन्हें संगीत केे शिक्षक से नाल, आर्गन, तबला बजाना आ गया, सुरों की भी थोड़ी पहचान हो गई। यहां तैनाती के बाद उन्होंने अपना ज्ञान बच्चों में बांटना शुरू किया। कुछ दिनो की मेहनत .....और नतीजा अब सबके सामने है।

000000
बनाया अपना म्यूजिकल ग्रुप
स्कूल में गाना-बजाना, बच्चों के मुंह से यह सुनकर कई परिवार वाले तो खरी-खोटी सुनाने चले आए। ऐसे में एक बच्ची डांस के लिए तैयार हुई, फिर दूसरी... और देखते-देखते इस स्कूल में संगीत की पूरी क्लास लग गई। राष्ट्रीय पर्व और स्कूलों के कार्यक्रम करते-करते छात्र-छात्राओं ने अपना एक ग्रुप ही बना लिया। नाम रखा ‘मां म्यूजिकल ग्रुप’, इस ग्रुप ने यह संकल्प भी लिया कि वह फिल्मी गीतों पर कार्यक्रम नहीं देगा।
0000
कोई नही लेता मेहनताना
इस ग्रुप मे बच्चों के अलावा कुछ बडे़ भी शामिल हैं, लेकिन बिना किसी मेहनताना के। साथ ही यह ग्रुप प्रस्तुति देने के लिए पैसों को तय नही करता। गांव के अनिल कुमार मिश्रा, सुबोध कुमार त्रिपाठी, अशोक गुप्ता, विनोद कुमार गुप्ता, विजय कुमार दीक्षित के अलावा मूड़ा सवारान के चंद्रशेखर मिश्रा उर्फ तुलसीदास इस ग्रुप मे वाद्य यंत्रों पर बच्चों का साथ देते हैं। अगर पुरस्कार मे कोई राशि मिलती है तो उसे बच्चों में बांट दिया जाता है और खर्चे भी निकाल लिए जाते हैं। उसके बाद बची राशि मंदिर मे दान कर दी जाती है।
0000
बुलंद किया है प्रतिभा का झंडा
बच्चों की प्रतिभा का अंदाजा इससे लगता है कि लगातार 2003 से इस स्कूल के बच्चे जिले की वार्षिक प्रतियोगिता में पहले नंबर पर हैं। इसके अलावा मंडल में तीन बार प्रथम रहने के साथ प्रदेश मे दो बार दूसरे नंबर पर रहे हैं।
सोमवार को बझेड़ा गांव में हुए एक कार्यक्रम में इस टीम को नौ हजार रुपये से अधिक का पुरस्कार मिला और एक बच्ची को डांस करने पर प्रधान चरनजीत सिंह ने घड़ी ईनाम में दी।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us