रसोइयों ने जुलूस निकाला, डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन

Lakhimpur Updated Wed, 02 May 2012 12:00 PM IST
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कहीं प्रधान तो कहीं एनजीओ कर रहे रसोइयों को परेशान
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लखीमपुर खीरी। कहीं प्रधान राजनीतिक रंजिश के चलते रसोइया कार्य में लगी महिलाओं की पुन: नियुक्ति नहीं कर रहे हैं तो कहीं एनजीओ उनका शोषण कर रहे हैं। इसके विरोध में आज प्राथमिक विद्यालय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले तमाम महिलाओं ने डीएम दफ्तर पहुंच प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौप समस्या समाधान की मांग की।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत जिले के विभिन्न स्थानों से पीड़ित रसोइये प्राथमिक विद्यालय रसोइया वेलफेयर एसोसिएशन के बैनर तले शहर के नसीरुद्दीन मौजी हाल प्रांगण में एकत्र हुए तथा वहीं से नगर अध्यक्ष नरेश रस्तोगी व मिथलेश कुमारी की अगुवाई में जुलूस निकाल कलक्ट्रेट पहुंच जिलाधिकारी को संबोधित अलग-अलग ज्ञापन जिला प्रशासन को दिया।
नरेश रस्तोगी की ओर से सौपे ज्ञापन में कहा गया है कि प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय में जनवरी 2010 से मध्यान भोजन बनाने वाले रसोइयों को 1000 रुपये प्रति माह देने की बात कही गई थी। नगर क्षेत्र में एमडीएम की व्यवस्था एनजीओ के हवाले है। आरोप है कि कुछ माह तक एनजीओ ने भी इन रसोइयों को एक हजार रुपये प्रति माह दिया लेकिन अब कई महीने से मात्र 500 रुपये मानदेय दे रहे हैं। एसोसिएशन ने 1000 रुपये मानदेय दिलाने की मांग की। इस आशय के सौपे ज्ञापन पर नरेश रस्तोगी, कमलेश, गायत्री रस्तोगी, शिवदेवी बाजपेयी, नन्ही देवी, शिवानी, ज्ञानवती, सुमन रस्तोगी आदि के हस्ताक्षर हैं।
मिथलेश कुमारी की ओर से सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि उसके सहित लज्जावती व विद्यावती बिजुआ विकास खंड क्षेत्र के ग्राम रड़ा बाजार निवासी हैं। मिथलेश कुमारी तथा विद्यावती प्राथमिक विद्यालय रड़ा बाजार तथा लज्जावती प्राथमिक विद्यालय सूरजपुर में पिछले सात साल से एक हजार रुपये मानदेय पर रसोइया कार्य करती है। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने चुनावी रंजिश के चलते उन लोगों को रसोइया कार्य करने से मना कर दिया है। जबकि विद्यालय के प्रधानाचार्य तथा शिक्षा ग्रहण कर रहे छात्र प्रार्थिनी के कार्य से संतुष्ट नहीं है। उन लोगों के विरुद्ध कभी कोई शिकायत भी नहीं रही है। उनका कहना है कि सरकार का भी स्पष्ट निर्देश है कि वर्तमान में रसोइया कार्य कर रही महिलाओं को तब तक न हटाया जाए जब तक उनके खिलाफ कोई शिकायत प्रमाणित न पाई जाए। आरोप है कि ग्राम प्रधान अपने सगे संबंधी से रसोइया का कार्य करवा रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच करा कार्रवाई की मांग की है।
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