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गाय पर बाघ के हमले के बाद खेतों में सन्नाटा

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Sun, 09 Dec 2018 12:36 AM IST
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गाय पर बाघ के हमले के बाद खेतों में सन्नाटा
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देवीपुर इलाके के ग्रामीण बाघ डर से नहीं जा रहे खेत
अमर उजाला ब्यूरो
पिपरियाधनी। दक्षिण खीरी वन प्रभाग के मोहम्मदी रेंज अंतर्गत महेशपुर क्षेत्र में बाघ द्वारा लावारिस गाय को निवाला बनाने के बाद से क्षेत्र में लोग बेहद डरे हुए हैं इसके चलते खेतों में सन्नाटा छाया हुआ है किसान गन्ना काटने और खेती बाड़ी के दूसरे काम करने खेतों में जाने से डर रहे हैं। आसपास के गांवों में लोग बच्चों को घरों से बाहर निकलने नहीं दे रहे हैं।
शुक्रवार सुबह जंगल से निकले बाघ ने जंगल से सटे देवीपुर गांव की आबादी के निकट लावारिस गाय पर हमला कर उसे निवाला बना लिया था। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर बाघ के पग चिह्न और गाय का शव मिलने की पुष्टि की थी। वनकर्मियों ने खेतों की कांबिंग करने के बाद बताया था कि बाघ जंगल की तरफ चला गया है लेकिन पिछली घटनाओं के अनुभव को देखते हुए ग्रामीण वन विभाग की टीम पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। ग्रामीण खुद ही सतर्कता बरत रहे हैं।
देवीपुर की घटना के एक दिन पहले मौठीखेड़ा के गांव पल्हनापुर में जब बाघ ने एक बछड़े को निवाला बनाया था तब भी घटना के बाद वनकर्मियों ने बाघ के जंगल लौट जाने की बात कही थी। यही नही वनकर्मियों ने कहा था जंगल से बाहर निकलने पर बाघ की लोकेशन ट्रेस कर उसे पकड़ लेंगे अब बाघ किसी इंसान या जानवर पर हमला नहीं कर पाएगा। इसके कुछ घंटे बाद ही बाघ ने देवीपुर में गाय को निवाला बना लिया।
देवीपुर गांव जंगल से बिल्कुल सटा हुआ है। इसके चलते इस गांव के ग्रामीणों में बाघ की दहशत बनी हुई है। ग्रामीण अकेले खेतों में जाने से डर रहे हैं। ग्राम प्रधान ओमप्रकाश, सुशील कुमार, बहोरन, अवधेश, प्रमोद कुमार, भारत, खुशीराम, आदि ग्रामीणों का कहना है अगर हम लोग अपने खेत पर जाते हैं तो कम से कम सात से आठ लोग लाठी डंडों के साथ जाते हैं।
मोहम्मदी रेंज में बढ़ रही बाघ हमले की घटनाओं से ग्रामीणों में रोष बढ़ रहा है। उनका कहना है वन विभाग प्रभावी कार्रवाई करता तो शायद बाघ जंगल में वापस जा चुका होता या पकड़ा गया होता। बाघ से एक तो जान जोखिम है ऊपर से खेती बाड़ी चौपट हो रही है सो अलग। गन्ना न काट पाने से अभी से उनके सामने आर्थिक संकट पैदा होने लगा है।
उधर डीएफओ समीर कुमार का कहना है कि जंगल से निकलकर खेतों में सक्रिय बाघों पर वन विभाग की टीम लगाकर नजर रखे हुए है। बाघों की गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि खेतों में अकेले न जाकर झुंड में जाएं गन्ना काटने के दौरान हांका लगाएं।

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