बाघों की दहाड़ संग परिंदों के कलरव का लीजिए लुत्फ

pawan chandra पवन चंद्रा Updated Fri, 25 Jan 2019 10:02 PM IST
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लखीमपुर खीरी। बाघ, गैंडा, हिरन जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के दीदार की लालसा में दुधवा नेशनल पार्क आने वाले सैलानियों को रंग बिरंगे परिंदों की खूबसूरत दुनिया भी आकर्षित करती है। अब दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन दुधवा की ब्रांडिंग में पक्षियों को प्रमुखता दे रहा है। इसी क्रम में हाल ही में दुधवा नेशनल पार्क में विंटर बर्ड काउंट प्रोग्राम हुआ। इस बर्ड काउंट में यहां चार नई प्रजातियां पाई गई हैं। कुछ ऐसी प्रजातियां भी मिलीं हैं जो आम तौर पर गर्मियों में ही दिखती हैं, लेकिन इस बार विंटर बर्ड कांउंट में दिखीं। यह पक्षी विशेषज्ञों के लिए कोतूहल का विषय बनी हुई हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व में 450 प्रजातियों के पक्षी सूचीबद्ध हैं। इनके अलावा बड़ी संख्या में ठंडे देशों से प्रवासी परिंदे भी यहां आकर प्रवास करते हैं। यहां की पक्षी विविधता के चलते ही पिछले साल नौ फरवरी से 11 फरवरी के बीच दुधवा नेशनल पार्क में बर्ड फेस्टिवल का आयोजन किया गया था। इस बर्ड फेस्टिवल के जरिए दुनिया भर में यहां की पक्षी विविधता रेखांकित हुई थी। इस बार हुए विंटर बर्ड काउंट के जरिए भी दुनिया भर में यहां की पक्षी विविधता चर्चा में आई।
दुनिया में बहुत कम संख्या में बचे दुर्लभ बंगाल फ्लोरिकन पक्षियों का कुनबा भी दुधवा टाइगर रिजर्व में फल फूल रहा है। स्थानीय परिंदों के अलावा सर्दियों के मौसम में हजारों किलोमीटर लंबी उड़ान भरकर दुधवा में आने वाले हजारों पक्षी दुधवा का आकर्षण बढ़ाते हैं। प्रवासी परिंदों के दुधवा में प्रवास का वही समय होता है जो दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन का समय होता है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन इन परिंदों के प्रति सैलानियों का ध्यान आकर्षित करने को पक्षियों की ब्रांडिंग करने जा रहा है, ताकि यहां आने वाले सैलानी दुधवा में बाघ, गैंडा हिरन और दूसरे दुर्लभ वन्यजीवों के दीदार करने के साथ ही यहां की पक्षी विविधता से परिचित हो सकें और बाघों की दहाड़ और हिरनों के कुलांचों के साथ रंग बिरंगे परिंदों के मीठे कलरव का भी आनंद उठा सकें।
बर्ड काउंट में मिली नई पक्षी प्रजाति की हुई पहचान
दुधवा नेशनल पार्क में विंटर बर्ड काउंट के दौरान चार नई प्रजाति के पक्षी मिले हैं। इनमें से दो प्रजातियों के पक्षियों मरून ओरियोल और यूरेशियन स्पैरोहॉक की पहचान पहले ही हो चुकी है। पक्षी विशेषज्ञों ने तीसरी प्रजाति के पक्षी की भी पहचान कर ली है। यह पक्षी क्रस्टेड गोसहॉक है। यह बाज नस्ल का पक्षी है। इस पक्षी को बरेली के पक्षी विशेषज्ञ काजल दास गुप्ता और उनकी टीम में शामिल अश्विनी भादुड़ी ने 19 जनवरी को सलूकापुर रेंज में देखा। पक्षी की इस नई प्रजातियों को दुधवा टाइगर रिजर्व के पक्षियों की सूची में शाचिमल किया जाएगा। यह पक्षी पहली बार दुधवा टाइगर रिजर्व में देखा गया है। पक्षी विशेषज्ञ पहली बार दिखे चौथे पक्षी की प्रजाति को चिह्नित करने का प्रयास कर रहे हैं।

दुधवा टाइगर रिजर्व की जैव विविधता अपने आप में अनूठी और काफी समृद्ध है। दुधवा में रंग-बिरंगी पक्षियों की एक खूबसूरत दुनिया बीसी हुई है। यह पक्षी विविधता सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है। दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन इनकी ब्रांडिंग कर रहा है।
- रमेश कुमार पांडेय, फील्ड डायरेक्टर, दुधवा टाइगर रिजर्व
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