छात्रों के आगे झुका प्रशासन, मांगें मानी

Kushinagar Updated Tue, 21 Jan 2014 05:44 AM IST
पडरौना। नगर के यूएनपीजी कॉलेज के छात्रों का आमरण अनशन सोमवार को तीन बजे जिला विद्यालय निरीक्षक के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। इसके पूर्व केंद्रीय गृहराज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने अनशनकारी छात्रों से मिलकर उनकी बात सुनी और डीएम से वार्ता की। डीएम की पहल पर जिला विद्यालय निरीक्षक ने जूस पिलाकर छात्रों का आमरण अनशन समाप्त कराया।
10 जनवरी से ही यूएनपीजी कॉलेज के छात्रसंघ पदाधिकारियों के नेतृत्व धरना-प्रदर्शन शुरू किया गया। छात्रों की मांग थी कि महाविद्यालय के जिन छात्रों के परीक्षाफल अपूर्ण हैं, उन्हें तत्काल घोषित कराया जाए और इन छात्रों को छात्रवृत्ति फार्म भरने की नई तिथि घोषित की जाए। जंक डाटा में फंसे छात्रों के छात्रवृत्ति का निस्तारण कराया जाए। धरनारत छात्रों की मांगों को प्रशासन ने अनसुना किया तो छात्रसंघ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह, पुस्तकालय मंत्री अजय कुमार यादव, राजेश कुमार गुप्त और हेमंत मिश्र ने 18 जनवरी से आमरण अनशन शुरू कर दिया। आमरण अनशन के तीसरे दिन छात्रों की हालत बिगड़ते देख महाविद्यालय के सभी छात्र आंदोलन का हिस्सा बन गए। सोमवार को महाविद्यालय में शिक्षण कार्य ठप हो गया। सभी छात्र-छात्राओं ने आंदोलन का समर्थन किया और कक्षाओं का बहिष्कार कर दिया। सोमवार को ही केंद्रीय गृहराज्य मंत्री आरपीएन सिंह भी पडरौना पहुंचे। इसकी जानकारी मिलने पर वह छात्रों के आंदोलन स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए डीएम से वार्ता की। डीएम की पहल पर जिला विद्यालय निरीक्षक संतोष कुमार सिंह महाविद्यालय पहुंचे और छात्रों को लिखित आश्वासन दिया कि परीक्षाफल घोषित करने के लिए डीएम और केंद्रीय गृहराज्यमंत्री के पत्र को शासन को भेजा जाएगा। दूसरी मांग पर उन्होंने लिखित दिया कि जंक डाटा के कारण छात्रवृत्ति से वंचित छात्रों की छात्रवृत्ति एनआईसी में स्वीकृत कर आवश्यक कार्रवाई कर दी जाएगी। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक ने आमरण अनशन कर रहे छात्रों को जूस पिलाकर अनशन तोड़वाया। इस अवसर पर समाजसेवी राजूू जायसवाल, महाविद्यालय के प्रॉचार्य डॉ. जयगोविंद मिश्र, छात्रसंघ के अध्यक्ष गौरव तिवारी, महामंत्री राहुल साहा, मु.जहिरूद्दीन, सुनील दीक्षित, राजन सोनी, दीपक जायसवाल, प्रियंका, महिमा, नेहा, शमीम, बजरंगी यादव आदि मौजूद रहे।

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