बैंक खाता और आईएफएस कोड ने मुश्किलें बढ़ाई

Kushinagar Updated Tue, 26 Nov 2013 05:41 AM IST
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तुर्कपट्टी। राशन कार्ड के सत्यापन को लेकर लोगों की मुश्किलें कम होने की बजाय बढ़ती जा रही है। सत्यापन फार्म जमा करने के साथ बैंक खाता के साथ आईएफएस कोड और मतदाता पहचान पत्र की अनिवार्यता ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ाई है। बैंकों में खाता खुलवाने के लिए लोग परेशान हैं।
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मतदाता पहचान पत्र के विकल्प ग्राम प्रधान से जारी निवास प्रमाण पत्र से काम चल जा रहा है। यह अलग बात है कि लोगों को इसके लिए प्रधानों से काफी मनुहार करनी पड़ रही है। प्रधान के राजनीतिक विरोधियों के लिए खासी दिक्कतें हो रही है। अमर उजाला के रविवार के अंक में गंवई राजनीति का शिकार हुई कार्ड सत्यापन योजना, शीर्षक से खबर छपने के बाद कोटेदार और ग्राम प्रधान हरकत में आए और प्रभावित लोगों के घर तक पहुंच समस्या का समाधान कराने में जुटे। पर बैंक खाता खुलवाने की समस्या नहीं सुलझ पा रही। बैंक खाते के समाधान के लिए लोग बैंकों की ओर उमड़ रहे हैं। पर बैंक प्रबंधक हजार रुपये से कम में खाता खोलने को तैयार नहीं हो रहे। आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे गरीब लोगों के लिए भी यह एक मुसीबत से कम नहीं है। जिन लोगों के पास पहले से बैंक खाता है, वे लोग बैंक के आईएफएस कोड के लिए बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र के बैंक खाताधारकों के पासबुक पर आईएफएस कोड देने में हीलाहवाली कर रहे हैं। स्थिति यह हो गई कि लोग राशनकार्ड के सत्यापन के लिए तीन तीन दिन से अपना काम छोड़कर घर बैठे हैं। महासोन के नरेश के पास ग्रामीण बैंक में बचत खाता है। पर नरेश आईएएफ कोड के लिए कई दिनों से बैंक का चक्कर लगा रहे हैं। तेजवलिया के बिहारी मुसहर के पास बैंक खाता नहीं है। इनकी आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं है। पर ग्रामीण बैंक न्यूनतम बैलेंस पर इनका खाता खोलने में हीलाहवाली कर रहा है। यह स्थिति भेलया, दुमही, छंहू, बरवाकला, झनकौल, सपहा, नौंगावा, रजवावर आदि दर्जनों गांवों की है।
कई गांवों में है धांधली की शिकायत
कुशीनगर। राशनकार्डों के सत्यापन में कसया क्षेत्र के अहिरौली राय, अहिरौली राजा, चरगहा गांव में धांधली की शिकायतें सामने आई हैं। फार्म वितरण से लेकर फार्म में छपे नामों, पते आदि के त्रुटियों के चलते लोग परेशान हैं। शौकत, रामप्रसाद, शिवकुमार आदि लोगों का कहना है कि उनके पास राशन कार्ड है और वे कई सालों से राशन पा रहे हैं। पर उनको सत्यापन फार्म नहीं मिला है और न सूची में नाम है।
कोट
यदि फार्म में त्रुटि है, या सूची में नाम नहीं है तो इसके लिए परेशान होने की जरूरत नहीं है। कार्ड के साथ अनप्रिटेंड फार्म भरकर खाताधारक जमा कर सकते हैं। वह भी सत्यापन के दायरे में आएगा। बैंकों को न्यूनतम बैलेंस पर खाता खोलने के लिए कहा जाएगा।
कृष्णा करुणेश, ज्चाइंट मजिस्ट्रेट कसया
राशन कार्ड के सत्यापन की मांग
पडरौना। सोमवार को विशुनपुरा ब्लॉक के पिपरा प्रसिद्ध तिवारी गांव के लोगों ने डीम से मिलकर गांव में अंत्योदय और बीपीएल कार्डों में हुई गड़बड़ी को दुरुस्त कराने की मांग की। इन लोगों का आरोप था कि गांव के कई पात्रों को बीपीएल और अंत्योदय का राशन कार्ड नहीं मिला है। डीएम को दिए अपने पत्र में गांव के लोगों ने लिखा है कि गांव में खेतिहर लोगों को बीपीएल और अंत्योदय का राशन कार्ड दे दिया गया है जबकि कमजोत वाले लोगों को गरीबी रेखा के ऊपर जीवन-यापन करने वाला राशन कार्ड दिया गया है। गांव वालों की मांग थी कि राशन कार्डों का सत्यापन कराकर पात्र लोगों को राशन कार्ड उपलब्ध कराया जाए। इन लोगों की शिकायत पर डीएम ने जिला पूर्ति अधिकारी और डीएसओ ने विशुनपुरा बीडीओ को सर्वे कराने का आदेश दिया है।
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