गन्ना मूल्य पर जिले की सियासत गरमाई

Kushinagar Updated Tue, 26 Nov 2013 05:41 AM IST
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पडरौना। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान और गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग को लेकर जिले की सियासत गरमाने लगी है। जिले के कई जगहों पर गन्ना जलाने और पुतला दहन चल ही रहा है। सोमवार को इन्हीं मांगों को लेकर कांग्रेसियों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। वहीं गन्ना किसानों की समस्या को लेकर मेरठ में रालोद कार्यकर्ताओं और नेताओं पर हुए लाठी चार्ज के विरोध और गन्ना किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए रालोद कार्यकर्ता भी जिलाध्यक्ष की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।
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सोमवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन का दौर जारी रहा। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांडेय की अगुवाई में कलेक्ट्रेट पहुंचे कांग्रेसियाें ने प्रदेश सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की और सरकार पर चीनी मिलों से सांठ-गांठ का आरोप लगाते हुए डीएम कार्यालय के गेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान जिलाध्यक्ष राजेंद्र पांडेय ने कहा कि केंद्र की सरकार ने चालू पेराई सत्र के लिए गन्ने का मूल्य 40 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है। प्रदेश सरकार चीनी मिलों के दबाव में आकर एक भी रुपये गन्ना मूल्य नहीं बढ़ा सकी है। जिले के अधिकतर किसान गन्ने की खेती पर निर्भर हैं। गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाना उनके साथ विश्वासघात करना है। सपा के लोग जब सत्ता से बाहर थे, तब गन्ना मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल करने की बात करते थे। चुनाव के समय इन लोगों ने इसकी घोषणा भी की थी। उन्होंने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन में मांग की है कि गन्ना मूल्य कम से कम 350 रुपये किया जाए, बकाया गन्ना मूल्य शीघ्र दिलाया जाए, पडरौना के साथ जिले की बंद पड़ी अन्य चीनी मिलों को भी चलाया जाए। कांग्रेसियों ने अपने ज्ञापन में मांग की है कि पडरौना चीनी मिल मजदूरों का वेतन दिलाया जाए और खाद्य सुरक्षा बिल को यूपी में लागू किया जाए। प्रदर्शन करने वालों में राजेश कुमार जायसवाल, सुनील दीक्षित, श्यामसुंदर तिवारी, स्वामीनाथ यादव, डॉ. नंदलाल, शंभूशरण चौबे, चंद्रेश पंाडेय, डॉ. शिकंदर अली आदि थे।
वहीं दूसरी ओर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे रालोद कार्यकर्ताओं के संबोधन में जिलाध्यक्ष रामभवन राव ने कहा कि प्रदेश की सरकार दमनात्मक रवैया अपना लिया है। किसी भी तरह के प्रदर्शन और धरना पर लाठी चलवाना प्रदेश सरकार की नियति बन गई है। बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग को लेकर मेरठ के परतापुर हवाई अड्डे पर प्रदर्शन कर रहे रालोद के प्रदेश अध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान, रालोद त्यागी, किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष रामनिहोरा सिंह मेहर के साथ अन्य कार्यकर्ताओं पर लाठी चार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि बकाया गन्ना मूल्य और किसानों को लाभकारी मूल्य दिलवाने में में विफल सरकार अपना गुस्सा किसानों और छात्रों पर निकाल रही है। किसान हितैषी होने का दावा करने वाली सरकार की पोल खुल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और चीनी मिल मालिकों के बीच समझौता हो गया है। इसलिए एक रणनिति के तहत गन्ना मूल्य नहीं बढ़ाया गया है। अपने संबोधन में जिला प्रवक्ता प्रमोद सिंह विषेन ने कहा कि लखनऊ में घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के दौरान गन्ना आयुक्त ने प्रदेश की सभी चीनी मिलों को 30 नवंबर तक चलाने का आदेश दिया था। यदि ऐसा नहीं हुआ तो रालोद जिले के सभी चीनी मिलों पर धरना-प्रर्दशन करेगा। इन लोगों ने भी गन्ना मूल्य बढ़ाकर 325 रुपये करने और बकाया गन्ना मूल्य दिलाए जाने की मांगों से संबंधित ज्ञापन डीएम को दिया।
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