जनप्रतिनिधियों की भरमार, फिर भी अंधकार

Kushinagar Updated Tue, 22 Oct 2013 05:38 AM IST
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पडरौना। आने वाले लोकसभा चुनाव में पडरौना शहर के इंदिरानगर, गरुणनगर और रामलीला मैदान के मतदाताओं से वोट मांगने वाले जनप्रतिनिधि अभी से संभल जाएं, क्योंकि दो हफ्ते से अंधेरे में रह रहे इन मोहल्लों के लोग जनप्रतिनिधियों की लापरवाही से काफी नाराज हैं। कुछ लोगों ने तो चुनाव के वक्त वोट मांगने के लिए आने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों को जवाब देने के लिए अभी से मन बना लिया है।
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इंदिरा नगर, गरुण नगर और रामलीला मैदान के रहने वाले इन उपभोक्ताओं की नाराजगी यूं ही नहीं है। यह केंद्रीय गृह राज्यमंत्री का संसदीय और नेता प्रतिपक्ष व सदर विधायक का विधानसभा क्षेत्र है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री का आवास भी इसी मोहल्ले में है। इसके अलावा एक पूर्व विधायक, एक बड़े संगठन के जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष और तीन वार्डों के सभासदों का आवास है। इन मोहल्लों में बिजली आपूर्ति के लिए जो ट्रांसफॉर्मर लगा है, उस पर दो अस्पतालों की बिजली व्यवस्था भी निर्भर है।
पर अफसोस, कि यहां इतने वीआईपी लोगों के रहते तीनों मोहल्लों के लोगों को दो सप्ताह से अंधेरे में रहना पड़ रहा है। यहां का ट्रांसफार्मर खराब हो गया है। हालांकि अभी कुछ महीने पूर्व इन दोनों जनप्रतिनिधियों ने जिले में कई स्थानों पर ट्रांसफार्मरों का उद्घाटन भी किया था, लेकिन इन मोहल्लों को बिजली नहीं मिल पा रही है। बिजली आपूर्ति के लिए लोग एक बार सड़क जाम भी किए। उस दिन ट्रांसफार्मर लगवाने का आश्वासन देकर जाम समाप्त करा दिया गया। उसके बाद एक दिन बिजली आई भी तो वोल्टेज इतना अधिक था कि कई उपभोक्ताओं के घरों की टीवी, फ्रीज, पंखे, बल्ब खराब हो गए। उपभोक्ताओं की काफी क्षति हुई, लेकिन उस दिन से फिर कभी बिजली नहीं आई।
मन्नु सिंह चंदेल, पूर्व सभासद प्रतिनिधि दिनेश सिंह पटेल, सुरेश रावत का कहना है कि चुनाव से पहले तो जनप्रतिनिधि बड़े-बड़े दावे और वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद सब भूल जाते हैं। यह दृश्य उनके मुहल्लों में देखने को मिल रहा है। जगदीश पटेल, केशव, मुन्ना पटेल, अखिलेश मिश्र, मुन्ना रावत, अनिल गुप्ता ने कहा कि जब विधायक, मंत्री ही ध्यान नहीं देंगे तो उन्हें चुनाव में वोट क्यों देना? इन तीनों मुहल्लों के बाबूराम, राजकुमार, रवींद्र चौरसिया, पूर्व सभासद परमहंस प्रसाद, शिवजी, कृष्णा, रामजी, शंकर, गोविंद पटेल सहित 107 लोगाें ने अपना हस्ताक्षरयुक्त संकल्पपत्र तैयार किया है, जिसमें इन लोगों ने लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इनका कहना है कि चुनाव में वोट लेने के लिए आने वाले प्रत्याशियों और उनके समर्थकों से तब पूछा जाएगा।
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