चीनी मिल नहीं चली तो प्रबंधन पर मुकदमा

Kushinagar Updated Thu, 20 Dec 2012 05:30 AM IST
पडरौना। जेएचवी शुगर मिल पडरौना की वादाखिलाफी ने जिला प्रशासन को भी मुश्किल में डाल दिया है। गन्ना आवंटित होने के बावजूद मिल ने न तो किसानों का पिछला बकाया दिया और न ही अब तक पेराई ही शुरू हुई। प्रशासन अब मिल प्रबंधन पर कानूनी कार्रवाई करने के मूड में है। गन्ना विभाग के अफसरों की मानें तो एकाध दिन और इंतजार के बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
पडरौना चीनी मिल का पेराई सत्र अब तक शुरू नहीं हो पाया है। हालांकि मिल प्रबंधन ने 14 दिसंबर को डीएम रिग्जियान सैंफिल के हाथों पेराई सत्र का शुभारंभ करा दिया था। इससे पहले ही मिल प्रबंधन ने गन्ना आयुक्त को लिखित गारंटी दी थी कि 15 दिसंबर की शाम तक किसानों का बकाया पैसा भुगतान कर दिया जाएगा। गन्ना विभाग के अधिकारियों के मुताबिक प्रबंधन के इस आश्वासन पर होम जोन का करीब 31.5 लाख कुंतल गन्ना इस मिल को आवंटित कर दिया गया था। तब से लेकर आज तक मिल प्रबंधन हर दिन पेराई सत्र शुरू करने की तारीख बदल रहा है। मंगलवार को गन्ना उपायुक्त देवरिया ने भी मिल का निरीक्षण करने के बाद प्रबंधन के ढीले रवैया पर नाराजगी जताई थी। डीएम भी चीनी मिल प्रबंधन के इस रवैये से बेहद खफा बताए जाते हैं। जिला गन्ना अधिकारी दिलीप सैनी ने बताया कि मिल प्रबंधन ने यूपी और बिहार के किसानों का मिलाकर 4,11,00000 रुपये के अलावा केन यूनियन पडरौना का बकाया कमीशन भी मिल प्रबंधन नहीं दे रहा है। बार-बार की हीलाहवाली से किसानों का नुकसान हो रहा है। हर बार मिल प्रबंधन बकाया भुगतान देने और पेराई सत्र शुरू करने के लिए कोई न कोई बहाना बना रहा है। अब मिल प्रबंधन के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र रास्ता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि एकाध दिन इंतजार के बाद मुकदमा दर्ज करा दिया जाएगा।

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