हाटा के प्राइमरी स्कूल बदहाल

Kushinagar Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
हाटा। सर्वशिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाए जा रहे हैं, फिर भी विद्यालय कान्वेंट स्कूलों के सामने फिसड्डी साबित हो रहे हैं। कारण यह कि शिक्षकों का टोटा है। इस वजह से प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा पूरी तरह से बैसाखी के सहारे चल रही है।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी प्राथमिक विद्यालयों पर रुपयों की बारिश हो रही है। सबको शिक्षा के उद्देश्य से सरकार के धन खर्च करने की वजह से प्राथमिक विद्यालयों में ढांचागत तब्दीली तो दिख रही है, लेकिन शिक्षकों की संख्या घटती जा रही है। इससे प्राथमिक विद्यालयों की शिक्षा लड़खड़ा गई है। हाटा क्षेत्र में पड़ने वाले तीन विकास खंडों हाटा, सुकरौली व मोतीचक में 42942 बच्चों को पढ़ाने के लिए 355 शिक्षक ही तैनात हैं। इसके अलावा 523 शिक्षामित्र हैं। जबकि शिक्षा गारंटी कानून के तहत प्रति 30 छात्रों पर एक शिक्षक की तैनाती होनी चाहिए। यही नहीं, शिक्षक पठन-पाठन के अलावा साल भर अन्य गतिविधियों में भी व्यस्त रहते हैं। मसलन भवन निर्माण, ड्रेस वितरण, छात्रवृत्ति वितरण, मध्याह्न भोजन की व्यवस्था भी इन शिक्षकों की जिम्मेदारियों में शामिल है तथा जनगणना, बोर्ड परीक्षा ड्यूटी, चुनाव, पोलियो आदि का भी काम समय समय पर करते रहते हैं।
इनसेट
ब्लाक विद्यालय शिक्षक शिक्षामित्र छात्र
हाटा 141 85 183 15435
सुकरौली 104 110 177 11627
मोतीचक 102 160 163 15880

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