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नये लुक में होगी जिले की पुलिस

Kushinagar Updated Sun, 14 Oct 2012 12:00 PM IST
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पडरौना (कुशीनगर)। विवादों व अन्य कारणों से संवेदनशील कुशीनगर जिले की पुलिस अब नये लुक में होगी। स्मार्ट पुलिस पर अब लेटलतीफी का दाग नहीं लगेगा। विवादों से बचने एवं अपराधों का खुलासा करने के लिए मजबूत मुखबिर तंत्र वाले दरोगाओं के दिन बहुरेंगे। दरोगाओं के साथ तेजतर्रार सिपाहियों की सूची बनेगी। काबिले तारीफ काम करने वाले सिपाही मनचाही पोस्टिंग के दायरे में लाए जाएंगे।
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कुशीनगर संवदेनशील जिलों में से एक है। मामूली से मामूली बात पर बड़ा विवाद हो जाता है। खुद पुलिस के आला अधिकारी मानते हैं कि पुलिस की स्वीकार्यता कम होती जा रही है। मसलन यदि कहीं विवाद की स्थिति में एसओ पहुंचते हैं, तो लोग शांत नहीं होते। यदि पुलिस की स्वीकार्यता रहे तो ऐसा नहीं होगा। इसी के मद्देनजर गाजीपुर जिले में कई नये प्रयोग कर चुके जिले के नये एसपी देवेंद्र कुमार चौधरी कुशीनगर आते ही कुछ नये फार्मूलों को लागू करने का मन बना चुके हैं। वे मानते हैं कि मजबूत मुखबिर तंत्र वाले दरोगाओं की कमी है। अब जिले ऐसे दरोगाओं को तलाशा जाएगा, जिनकी सुरागरसी अच्छी होगी। उन्हें अहम जिम्मेदारियां दी जाएंगी। पुलिस को स्मार्ट बनाने के लिए नये-नये फार्मूले लागू किए जाएंगे। अचानक कंट्रोल रूम से संदेश प्रसारित कराए जाएंगे और चंद मिनटों में पुलिस को उसे फालो करना होगा। मसलन किस थाने के किस स्थान पर किस फार्मूले के तहत जांच अभियान चलाना है, इसका संदेश कंट्रोल रूम से अचानक दिया जाएगा। इस दायरे में तेज सिपाहियों को भी लाया जाएगा। अच्छे वर्कआउट करने वालों को मनचाही पोस्टिंग का अवसर देने पर भी विचार हो सकता है। पुलिस के आला अफसरों की मानें तो थानों में चंद सिपाही ही होते हैं, जिनसे अच्छा करने की उम्मीद की जा सकती है। लेकिन जब प्रोत्साहन मिलेगा तो और भी अच्छा करने को प्रेरित होंगे। पुलिस के अहम अंग ग्राम चौकीदारों को भी नये फार्म में ढाला जाएगा। चौकीदारों को हफ्ते के चार दिन शाम के समय संबंधित थाने पर आमद करानी होगी। ऐसा न करने वालों का मानदेय काटा जाएगा। गाजीपुर में 250 चौकीदारों का मानदेय रोक चुके एसपी चौधरी कहते हैं कि 55 वर्ष से अधिक उम्र वाले चौकीदारों की जगह उनके वारिसों को प्राथमिकता के आधार पर नियुक्त करने की प्रक्रिया भी चलाई जा सकती है।

===इनसेट===
कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए हमेशा नया करने की गुंजाइश रहती है। इसी के तहत जिले के दस साल तक के पुराने हर विभाग के विवादों का डाटा तैयार कराया जाएगा, ताकि इनके कारण हत्या जैसे अपराध न हों। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहित किया जाएगा। सुस्त चौकीदार तंत्र को तेज किया जाएगा, जबकि असलहों का ट्रायल भी होगा। क्योंकि ऐसा न हो कि कंधे पर लटके राइफल का जरूरत पड़ने पर बोल्ट ही न खुले।
देवेन्द्र कुमार चौधरी
एसपी-कुशीनगर।

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