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बदहाल ट्रांसफार्मर, तारों के भरोसे बिजली सप्लाई

Kushinagar Updated Sat, 13 Oct 2012 12:00 PM IST
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तमकुहीरोड। तमकुहीरोड विद्युत सब डिवीजन क्षेत्र के करीब 13000 उपभोक्ताआें पर संसाधनों व कर्मचारियों की कमी भारी पड़ रही है। जर्जर ट्रांसफार्मर, विद्युत तार और फीडर इतने पुराने हो गये हैं कि उनसे विद्युत आपूर्ति कराना जोखिम भरा काम बन गया है। लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण इन्हीं खतरों के बीच उपभोक्ताओं को रहना पड़ता है।
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तमकुहीरोड विद्युत सब डिवीजन की स्थापना 1962 में हुई थी। इसमें तरयासुजान, तमकुहीरोड एवं दुदही उपकेंद्र शामिल हैं। तरयासुजान पर बेदपार फीडर, कोइन्दी फीडर व सरया फीडर पर डेढ़ सौ से अधिक गांवों का बोझ है, लेकिन वर्षों पुराने फीडर प्राय: जवाब दे देते हैं। तमकुहीरोड उपकेंद्र पर तमकुहीराज फीडर, तमकुहीरोड टाउन फीडर, सुगर फैक्ट्री-गन्ना अनुसंधान केन्द्र फीडर भी दुर्दशाग्रस्त हैं। दुदही उपकेंद्र पर लगा तुर्कपट्टी फीडर वर्षों से खराब है। विशुनपुरा और दुदही कस्बा फीडर पर करीब दो सौ गांवों का बोझ है। सुदूर गांवों में जब कोई तकनीकी खराबी होती है, तो कई दिन उसे दुरुस्त करने में लग जाते हैं। प्रभारी जेई मनोज कुमार भी स्वीकार करते हैं कि सीमित संसाधनों के चलते तमाम दिक्कतें पेश आती हैं। दूसरी ओर विभागीय कर्मचारियों का भी अभाव है। उल्लेखनीय है कि तीनों विद्युत उपकेंद्र पर नौ एसएसओ के पद सृजित हैं, लेकिन वर्तमान में तीन ही एसएसओ की तैनाती है। जेई के भी तीन पद हैं, लेकिन इनका काम भी एसएसओ को संभालना पड़ता है। इसी क्रम में तीन लाइनमैन की जगह एक ही लाइनमैन चार सौ गांवों की जिम्मेदारी उठाने को विवश है, जिसके कारण फाल्ट ठीक होने में विलंब होता है। यही नहीं, बेलदार, पेट्रोलमैन, श्रमिक, कुली, चपरासी के पद तो सृजित हैं, लेकिन कर्मचारी ही नहीं हैं। पहले वाले लोग सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस संबंध में एसडीओ विवेक कुमार सिंह का कहना है कि सीमित संसाधनों व कर्मचारियों के सहारे ही बेहतर आपूर्ति के प्रयास किये जाते हैं। यदि केंद्र को कर्मचारी व संसाधन मिल जाएं तो समस्याओं का निदान हो जाएगा।

इनसेट
एक लाइनमैन के जिम्मे चार सौ गांव
तमकुहीरोड विद्युत केंद्र पर तैनात भानु प्रसाद मौर्य इकलौते लाइनमैन हैं। इनके जिम्मे तीन विद्युत उपकेंद्र के चार सौ गांवों में विद्युत आपूर्ति दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी है। ये भी 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं।
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बेहतर कराई जाएगी स्थिति
क्षेत्रीय विधायक अजय कुमार लल्लू कहते हैं कि बिजली उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। बिजली विभाग को संसाधनयुक्त बनाने के लिए वे हर संभव प्रयास करेंगे।

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