कानून से दुरुस्त नहीं हो सकता भ्रष्टाचार

Kushinagar Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
जगदीशपुर(कुशीनगर)। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान जेएनयू, नई दिल्ली के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. पुष्पेश पंत ने कहा कि सिर्फ राजनीति में ही भ्रष्टाचार की चर्चा क्यों? जहां सारा विभाग भ्रष्टाचार में डूबा है, वहां केवल एक विषय पर भ्रष्टाचार की बात उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को कानून से दुरुस्त नहीं किया जा सकता है। आचरण दुरुस्त किए बिना हम भ्रष्टाचार से मुक्ति नहीं पा सकते।
प्रो. पंत मंगलवार को भगवंत पांडेय पीजी कालेज बोदरवार में शिक्षा क्रांति अभियान संस्थान की ओर से आयोजित राजनीति एवं भ्रष्टाचार विषय पर बतौर मुख्य वक्ता बोल रहे थे। यह व्याख्यान भगवंत पांडेय की स्मृति में आयोजित था। प्रो. पंत ने कहा कि अब तक स्वास्थ्य विभाग में एनआरएचएम घोटाला सबसे बड़े घोटाले के रूप में उभरकर सामने आया है। यहां शिक्षा, सड़क, रोजगार, सरकार में भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि ईमानदारी और भ्रष्टाचार सिर्फ पैसे का नहीं होता। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या आप दुराचारी व्यक्ति को भ्रष्टाचारी नहीं मानेंगे? दुराचार व व्यक्तिवाद को किस श्रेणी में रखेंगे? यह भी कहा कि क्या हमारा आचरण जातिवाद से प्रभावित नहीं होता? अध्यक्षता कर रहे डीडीयू गोरखपुर विश्वविद्यालय राजनीति शास्त्र विभाग के पूर्व अध्यक्ष श्रीप्रकाश मणि ने कहा कि राजनीति वह है, जो बिल्कुल धवल होती है। लेकिन आज राजनीति की दिशा बेहतर से बदतर होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इसका दोष राजनीति को नहीं, अपितु इसके संचालकों पर जाता है। शिक्षा क्रांति अभियान संस्थान के अध्यक्ष जगदीश पांडेय ठकुराई ने कहा कि आज भ्रष्टाचार का संकट सबके सामने व्यापक रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि जहां पूंजीवादी अर्थव्यवस्था होती है, वहां राजनीति पूंजीवाद के अतिरिक्त कुछ भी नहीं है। विशिष्ट अतिथि बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर के प्रो. उपेंद्र मिश्र ने कहा कि आज राजनीति का उद्देश्य सिर्फ सत्ता हासिल करना रह गया है। सत्ता प्राप्ति आम हित में होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। आज प्रत्येक राजनीतिक दल के अंदर लोकतंत्र होना चाहिए, लेकिन ऐसा दिख नहीं रहा है। महाविद्यालय के प्रबंधक अखिलेश पांडेय ने आभार जताया, जबकि संचालन संतोष त्रिपाठी ने किया। इससे पूर्व बीएड छात्रा मोनी, प्रियंका, शबाना, प्रीति विश्वकर्मा, वंदना मिश्रा व प्रिया पांडेय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया, जबकि स्वागत गीत के जरिए अतिथियों का स्वागत किया गया।
युवाओं को खुद बनानी होगी अपनी पहचान
जगदीशपुर। अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संस्थान जेएनयू नई दिल्ली के पूर्व संकायाध्यक्ष प्रो. पुष्पेश पंत ने कहा कि युवाओं को खुद अपनी पहचान बनानी होगी। अपना समाधान युवाओं को खुद सोचना होगा। वे मंगलवार को पीजी कालेज बोदरवार में आयोजित व्याख्यान के दौरान बातचीत कर रहे थे।
प्रो. पंत ने कहा कि युवा साहित्यकारों व लेखकों के अपने सपने हैं। उनकी अपनी सोच है। उन्हें खुद सोचना चाहिए और सही लिखना चाहिए। कहा कि अखबार आज सबके लिए अहम हो गए हैं। ऐसी स्थिति में आसपास की छोटी खबरों को भी प्रमुखता दिए जाने की जरूरत है। ऐसा हो भी रहा है। यह जरूर है कि प्रेरक व सकारात्मक खबरों से समाज को नई दिशा मिलती है, इसलिए ऐसी खबरों को भी प्रमुखता दी जानी चाहिए।

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