12 घंटे तक लुटती रही अबला

Kushinagar Updated Tue, 24 Jul 2012 12:00 PM IST
खड्डा। आश्चर्य है कि जिस परिसर में लोग अपनी इज्जत और आबरू की रक्षा के लिए पहुंचते हैं उसी परिसर मेें 12 घंटे तक एक बेबस लुटती रही और किसी वर्दीवाले ने बचाव तक नहीं किया। उच्चाधिकारियों के चलते आरोपियों पर मुकदमा तो दर्ज हो गया है लेकिन कई बड़े सवाल लोगों के जेहन में कौंध रहे हैं।
गैनहीं जंगल की बलात्कार पीड़ित तीन बच्चों की मां है। पति गुजरात में ट्रक चलाता है। महिला बच्चों के साथ गांव में अकेली ही रहती है। अकेली देख इस पर गांव के चौकीदार विजय की नीयत बिगड़ने लगी। चौकीदार प्रलोभन देकर उसके परिवार के करीब आने लगा। उसने जब महिला को अपने विश्वास में ले लिया तो बताया कि थाने में महिला चौकीदार की नियुक्ति होनी है। इसके लिए थाने चलना पडे़गा। बहकावे में आकर 17 जुलाई को महिला थाने पर गई। पहले से ही सेट एक दारोगा विरेंद्र कु मार ने उसे अपने कमरे में बुलाया। थाने में स्थित कमरे में पहुंचने के बाद उसे बैठने को बोला गया। वह बैठ गई। उससे बिना कोई बात किए ये लोग दारू पीने लगे। थोड़ी देर बाद वे उसे पकड़ लिए जबरन शराब पिलाए। इसके बाद दारोगा ने उसके साथ दुराचार किया, फिर चौकीदार ने। महिला के अनुसार उसके होश खो देने के बाद भी कई लोगों ने मुंह काला किया। होश आने के बाद भी उन लोगों ने उसे कमरे में बंद रखा। शाम को धुत दारोगा और चौकीदार में किसी बात पर बहस होते-होते झगड़ा हो गया। बात इतनी बिगड़ी कि दारोगा ने चौकीदार पर रिवाल्वर तान दी। इसके बाद थाने में अफरातफरी मच गई। मौका पाकर वह वहां से भाग निकली। वहां से निकलने के बाद उसने सबसे पहले अपने पति को फोन कर आपबीती सुनाई। डरी और सहमी महिला ने गांव में ही दवा कराई। थोड़ा ठीक होने के बाद 19 जुलाई को वह पडरौना स्थित महिला थाने पर पहुंची लेकिन उसे वहां से भगा दिया गया।
सवाल यह कि थाने में इतनी बड़ी घटना हो गई और कोई पुलिसवाला इस बारे में जान नहीं पाया। बहरहाल, देर रात तहरीर लेकर मुकदमा दर्ज कराने की जहमत उठाने वाले सीओ खड्डा विनोद कुमार बस यही कहते हैं कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है।
अन्य लोगों पर कार्रवाई होगी क्या
खड्डा। रविवार को अचानक सुर्खियों में आए थाने में गैंगरेप मामले में महिला की तहरीर पर आरोपी दारोगा के खिलाफ मुकदमा तो दर्ज हो गया लेकिन क्या पुलिस अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने उसके बेहोश होने के बाद अपनी हवस शांत की। महिला ने बताया कि उसके साथ जबर्दस्ती करने वाले दो लोगों को वह पहचान सकी है। सवाल यह कि क्या पुलिस उन लोगों की पहचान कर कार्रवाई करेगी?
अचानक क्यों छुट्टी पर गये दरोगा
खड्डा। जाम से जाम लड़ाने के लिए चर्चित दारोगा और चौकीदार की जोड़ी ने ऐसा गुल खिलाया कि एक बार फिर खाकी दागदार हो गई। वारदात वाले ही दिन धुत ये दोनों आपस में भिड़ गए। मामला इतना बिगड़ा कि दरोगा ने अपने राजदार चौकीदार का ही 151 में चालान कर दिया। इसके बाद खुद छुट्टी पर चला गया।
थाने में मौजूद अन्य क्यों हुए मौन
खड्डा। खड्डा थाने में इतनी बड़ी वारदात हो गई और थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी। यह बात किसी के गले के नीचे नहीं उतर रही है। यदि थाने में मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों से पूछताछ हो तो कुछ और चेहरे भी बेनकाब हो सकते हैं। अन्य पुलिसकर्मियों के मौन धारण पर एक और सवाल है कि दिन के उजाले में जब चौकीदार और दारोगा के बीच नशे में विवाद बढ़ा और रिवाल्वर तानने की नौबत आई। इसके बाद महिला भागी तो भी पुलिस वाले मामले को क्यों नहीं जान पाए?


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