निगहबानी करने वालों पर उठी उंगली

Kushinagar Updated Sat, 07 Jul 2012 12:00 PM IST
पडरौना। राशन घोटाले का अंजाम क्या होगा? कुशीनगर जनपद में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की निगहबानी करने वालों पर सवाल उठने लगे हैं। डीएम रिग्जियान सैंफिल के आदेशों पर हो रही छापेमारी में प्रशासन को हजारों कुंतल सरकारी राशन मिल रहे हैं, लेकिन पीडीएस की हर स्तर पर निगहबानी करने वाले जिम्मेदारों को आज तक इसमें कोई दाग नजर नहीं आया। सवाल उठ हो रहा कि क्या जिम्मेदार ही राशन को माफिया के हवाले कर रहे हैं? अगर नहीं तो किसी ने आज तक इसकी रिपोर्टिंग क्यों नहीं की?
गरीबों को पारदर्शी तरीके से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों से राशन मिल सके, इसके लिए सरकार ने हर स्तर पर निगहबानी तय कर रखी है। प्रशासनिक सूत्रों की अगर मानी जाए तो यह निगहबानी इतनी कड़ी है कि अगर सही से पालन किया जाए तो एक ग्राम सरकारी राशन इधर से उधर नहीं हो सकेगा। लेकिन जनपद में हजारों कुंतल राशन हर महीने गरीबों की थाली से छीनकर बाजार के हवाले किया जा रहा है। जानकारों की अगर मानें तो प्रत्येक माह की 22 तारीख तक सभी एसएमआई गोदामों पर राशन पहुंच जाता है। इसका सत्यापन मजिस्ट्रेट करते हैं। 23 तारीख से एसएमआई एवं प्रशासन से नियुक्त प्रतिनिधि की देखरेख में महीने के अंतिम दिन तक कोटेदार राशन का उठान करते हैं। प्रशासन से नियुक्त प्रतिनिधि सत्यापन रिपोर्ट देता है कि उसकी देखरेख में अमुक कोटेदार ने इतना राशन उठाया। इसके बाद सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर कितना राशन पहुंचा, स्टाक पूरा पहुंचा कि नहीं, इसकी लिखित रिपोर्ट लेखपाल/ विकास विभाग का कोई कर्मचारी सत्यापन के बाद करता है। पूर्ति विभाग को यह रिपोर्ट जब मिल जाती है तो वह रैंडम ड्यूटी लगाकर किसी न किसी लेखपाल/विकास विभाग या किसी शिक्षक की देखरेख में राशन का वितरण कराता है। ये लोग अपनी देखरेख में राशन का वितरण कराते हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही अगले माह के राशन का उठान होता है। इतनी निगहबानी के बाद भी हजारों कुंतल राशन के निजी गोदामों में पहुंचने से जिम्मेदारों की लापरवाही साफ उजागर हो रही है। सवाल उठता है कि जब राशन कोटे की दुकानों पर नहीं पहुंच रहा है तो आखिर प्रत्येक स्तर पर सत्यापन के दौरान इसकी रिपोर्टिंग क्यों नहीं हो रही है? अगर हो रही है तो इस पर पहले लगाम क्यों नहीं लगाई जा रही है।

राशन घोटाले के आरोपी को जेल
सेवरही में मिले सरकारी राशन और खाली बोरे का मामला
सेवरही। पकड़ियार पूरब पट्टी में स्थित गोदाम पर छापेमारी कर बरामद किए गए राशन और सरकारी बोरों के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। हिरासत में लिए गए आरोपी नंद किशोर को जेल भी भेज दिया गया है।
सेवरही थाना क्षेत्र के पकड़ियार पूरब पट्टी के एक गोदाम से एसडीएम और सीओ तमकुहीराज ने 56 बोरा सरकारी राशन और 19 बंडल खाली बोरे बरामद किए थे। मामले में एसडीएम के निर्देश पर पुलिस ने गोदाम मालिक नंद किशोर गुप्ता को हिरासत में ले लिया था। शुक्रवार को पूर्ति निरीक्षक महेंद्र शुक्ला की तहरीर पर पुलिस ने 419, 420, 467, 468 आईपीसी के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कर नंद किशोर को जेल भेज दिया है।

इनसेट
गोदाम मालिक पर बिजली चोरी का भी केस
सेवरही। विगत दो जुलाई को सेवरही के इंदिरानगर में सील हुए गोदाम के मालिक पर विद्युत विभाग ने भी बिजली चोरी का मुकदमा दर्ज कराया है।
डीएम के निर्देश पर सेवरही के इंदिरानगर वार्ड में स्थित गोदाम पर छापेमारी की गई। हजारों कुंतल राशन बरामद किया गया था। लेकिन गोदाम के सील होने के बाद माफियाओं ने राशन को कहीं और शिफ्ट कर दिया था। शुक्रवार को इस मामले में नया मोड़ आ गया। अवर अभियंता विद्युत ने तहरीर देकर गोदाम मालिक पर विद्युत चोरी का मुकदमा दर्ज कराया। थानाध्यक्ष रमाशंकर यादव के मुताबिक पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।

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