डॉक्टर की लापरवाही से हुई बंदी की मौत

अमर उजाला ब्यूरो कौशाम्बी Updated Tue, 06 Jun 2017 01:27 AM IST
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पांच दिन पहले जिला जेल में हुई बंदी करन सिंह की हुई मौत के बाद परिजनों ने सोमवार को जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। परिजनों का आरोप है कि जिला जेल के चिकित्सक की लापरवाही से बंदी की मौत हुई थी। परिजनों ने मामले की जांच होने के बाद बंदी करन के साथ बैरक में बंद उसके भाई व अन्य लोगों को किसी दूसरी जेल में स्थानांतरित किए जाने पर रोक लगाने की भी मांग डीएम से की है।
सैदनपुर निवासी करन सिंह हत्या के मामले में जिला जेल में बंद था। 30 मई को जिला कारागार में करन सिंह की मौत हो गई थी। जानकारी होने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया था। इस दौरान पुलिस पर पत्थर भी फेंके गए थे। मामला शांत होने के बाद करन सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम में मौत का स्पष्ट कारण डॉक्टरों ने नहीं लिखा।

विसरा जरूर प्रिजर्व किया गया है। सोमवार को करन सिंह की पत्नी अनीता देवी के साथ गांव के लोगों ने जिला मुख्यालय में प्रदर्शन किया। अनीता का आरोप है कि जिला जेल के डॉक्टर राजेश सिंह की लापरवाही से बंदी की मौत हुई। गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण पांच मिनट में ही मौत हो गई। मृतक की पत्नी की मांग है कि प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

इसके साथ जेल में बंद अन्य बंदी जगदीश, बलवंत, रग्घू, द्वारिका, नथन को किसी दूसरी जेल में न स्थानांतरित किया जाए। इनका बयान भी दर्ज कराया जाए। डीएम ने मामले की जांच कराने का आश्वासन पीड़ित परिवार को दिया है।

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