खेल मैदान पर भी कब्जा, आक्रोश

Kaushambi Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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भरवारी। सिराथू तहसील के चमंधा गांव में भारतीय खेल प्राधिकरण के नाम से खाली पड़े क्रीड़ा मैदान को ग्रामीणों ने पूर्व प्रधान पर पट्टा करने का आरोप लगाया है। बुधवार को पट्टाधारकों को कब्जा करते देख गांव के लोग भड़क गए। लोगों ने विरोध करते हुए शिकायत एसडीएम से की। उपजिलाधिकारी ने बताया कि इसकी जांच कराकर कब्जा हटवाया जाएगा।
दोआबा में तालाब, सार्वजनिक स्थल, स्कूल आदि की हजारों बीघे जमीन पर भू-माफिया अर्से से काबिज हैं। लगातार शिकायतों और अफसरों के निर्देश के बाद भी सरकारी जमीन से कब्जा नहीं हटाया जा रहा है। वर्ष 1975 में सिराथू तहसील के चमंधा गांव में भारतीय खेल प्राधिकरण के नाम पर ग्राम सभा की खाली पड़ी जमीन को सुरक्षित किया गया था। इसमें परिषदीय स्कूल का निर्माण कराया जा चुका है। इसके अलावा बाकी हिस्सा खेल मैदान के नाम है। आरोप है कि पूर्व प्रधान ने राजस्व कर्मियों से सांठ-गांठ कर खाली भूमि को छेदीलाल, अमर सिंह, प्रमोद कुमार, कमलेश कुमार और नारंगी लाल के नाम पट्टा करवा दिया था। बुधवार को उस पर पट्टाधारक कब्जा करने पहुंचे तो ग्रामीण भड़क गए। ग्राम प्रधान हरीमोहन के साथ मौके पर पहुंचे गांव के शंभू नाथ, रसूल काजी, लवकुश, त्रिलोकी लाल, राम नाथ समेत सैकड़ों लोगों ने विरोध करते हुए खेल मैदान से पट्टा को निरस्त कराए जाने की मांग की और शिकायत उप जिलाधिकारी से की। एसडीएम सिराथू रमाशंकर द्विवेदी का कहना है कि मामले की जांच कराकर खेल मैदान को पट्टे से मुक्त कराया जाएगा। उधर, हलका लेखपाल सईद अहमद का कहना है कि 620 नंबर की आराजी में पट्टा किया गया था। जो ऊसर के नाम दर्ज है। वर्तमान प्रधान की आपत्ति के बाद मामला जिलाधिकारी के संज्ञान में गया था। उसे पखवारे भर पहले बहाल कर दिया गया है।

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