नवजातों की बढ़ती मौत रोक लगाने की कवायद

Kaushambi Updated Tue, 09 Oct 2012 12:00 PM IST
मंझनपुर। प्रसव के समय नवजातों की बढ़ती मौत दर पर रोक लगाने की कवायद स्वास्थ्य महकमे ने शुरू कर दी है। इसके तहत सोमवार को डाक्टर और महिला स्वास्थ्य कर्मचारियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। इसमें वाराणसी और इलाहाबाद से आई विशेषज्ञों की टीम ने प्रसव के दौरान बच्चों की सुरक्षा के प्रति बरती जाने वाली सावधानियों के साथ प्रसूताओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के टिप्स दिए।
इन दिनों कई योजनाओं के बावजूद मातृशिशु मृत्युदर में कमी नहीं आ रही है। अब भी जिले में प्रति एक हजार में 60 नवजात बच्चों की मौत का आंकड़ा स्वास्थ्य महकमे का है। शिशुओं की मृत्युदर में कमी लाने के लिए दो दिवसीय नवजात शिशु सुरक्षा कार्यक्रम सोमवार से जिला अस्पताल में शुरू किया गया है। इसके पहले दिन चिकित्सक और एएनएम समेत 75 महिला स्वास्थ्य कर्मियों को प्रसव के दौरान बरती जानी वाली सावधानियों की जानकारी दी गई। साथ ही जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य आदि पर भी नजर रखने की भी जानकारी दी गई। वाराणसी के डॉ. ओपी सिंह ने कहाकि ग्रामीण महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना चाहिए। इसके अलावा प्रसूताओं के साथ बरती गई जरा सी लापरवाही भी जच्चा-बच्चा की जिंदगी पर भारी पड़ सकती है। इस मौके पर सीएमएस डॉ. वीके पांडेय, डॉ. पीबी पांडेय, डॉ. वीके श्रीवास्तव, डॉ. पीपी गुप्ता आदि मौजूद रहे।

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