विज्ञापन

यमुना की तराई में सप्ताह भर से अंधेरा

Allahabad Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 08:15 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
मंझनपुर ।
विज्ञापन
सप्ताह भर पहले आए तूफान ने गंगा व यमुना की तराई में स्थित 60 गांवों की बत्ती गुल हो गई थी। चरमराई विद्युत व्यवस्था ठीक कराने के लिए विभाग दूसरे दिन से मशक्कत में जुट गया। सप्ताह भर का समय बीतने के बाद भी यमुना की तराई में बसे दर्जन भर गांवों की आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। सप्ताह भर से बिजली न मिलने से तराई के लोगों का भीषण गर्मी में बुरा हाल है।

जिले में पिछले सप्ताह रात में आए तूफान ने भारी तबाही मचाई थी। आम के बागों, केले की फसलों के साथ-साथ तूफान का कहर यमुना व गंगा की तराई में विद्युत लाइन पर बरपा था। गंगा व यमुना की तराई में बसे लगभग 60 गांवों की विद्युत तारें व पोल टूटकर गिरने से उपभोक्ताओं को बिजली मिलना बंद हो गया।

दूसरे दिन सुबह बड़े पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुई विद्युत लाइन की जानकारी एक्सईएन प्रभाकर पांडेय को हुई तो उन्होंने एसडीओ व जेई के साथ लाइनमैनों की टीम दुरुस्तीकरण में लगा दी। सप्ताह भर के भीतर जिम्मेदारों ने 80 फीसदी ध्वस्त लाइन ठीक कर लेने का दावा किया है। बावजूद इसके यमुना की तराई में बसे महेवाघाट, पभोषा, कटरी आदि दर्जन भर गांवों की लाइन दुरुस्त नहीं हो सकी।

बताया जा रहा है कि पोल की कमी के चलते इन गांवों की लाइन ठीक नहीं हो पाई है। सप्ताह भर से बत्ती गुल होने के कारण संबंधित गांवों के उपभोक्ताओं का बुरा हाल है। भीषण उमस व गर्मी में बिजली न मिलने से उपभोक्ताओं में महकमे के प्रति नाराजगी है।

यमुना की तराई में सप्ताह भर से अंधेरा
आंधी के चलते गुल हो गई थी 60 गांवों की बिजली
पोल की कमी के चलते दर्जनभर गांवों में आज भी अंधेरा


क्या कहते हैं अधिकारी
दर्जन भर गांवों की लाइन अभी दुरुस्त नहीं हो सकी है। पोल व तार की कमी के चलते अड़चन आई है। एक-दो दिन के भीतर बचे हुए गांवों की लाइन को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
प्रभाकर पांडेय, एक्सईएन विद्युत



भीषण गर्मी से व्याकुल हुए लोग, पसीने से रहे तरबतर
पारा चढ़ने से कूलर-पंखे भी नहीं दे रहे राहत
धूलभरी हवा चलने से सांस लेना हुआ मुश्किल
मंझनपुर (ब्यूरो)। भीषण गर्मी और उमस ने जनमानस को व्याकुल कर दिया है। कूलर और पंखे भी गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। सोमवार को चली धूल भरी गर्म हवाओं ने सांस लेना मुश्किल कर दिया है। जून माह में लगातार बढ़ रहे पारे को देख अब जनमानस भयभीत होने लगा है।
जून माह की पहली तारीख से भगवान भास्कर ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। पिछले तीन दिनों से तापमान का पारा 46-47 के आसपास टिका है। बदन झुलसा देने वाली धूप व उमस ने तीन दिन में लोगों को व्याकुल कर दिया है। स्थिति यह हो गई कि सुबह के नौ बजते ही सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। सोमवार को स्थिति और भी भयावह हो गई। धूल भरी गर्म हवाओं के चलने से लोगों को सांस लेना मुश्किल हो रहा था। शाम पांच बजे के बाद हवा शांत हुई तो लोगों को कुछ राहत मिली। उधर घरों में लगे कूलर, पंखे भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं दे पा रहे हैं। बहरहाल तीन दिन से बढ़े पारे के चलते न तो दिन में सुकून है और न ही रात को नींद आ रही है। इसे लेकर जनमानस जहां व्याकुल है वहीं पारे को लेकर भयभीत भी होने लगा है।


इनसेट
हांफ रहे जीव-जंतु
तीन दिन से बढ़े तापमान ने जनमानस के साथ-साथ जीव जंतुओं को भी व्याकुल कर दिया है। सुबह के नौ बजते ही बंदर, गौरैया, कौआ आदि भी घनी छांव वाले पेड़ों की शरण में पहुंच जाते हैं। सबसे बुरा हाल तो पालतू मवेशियों का है। तपिश के चलते खूंटे पर बंधे गाय-भैंस हांफते नजर आ रहे हैं। पशु पालकों का कहना है कि गर्मी का असर दूध पर भी पड़ रहा है। दुधारू पशुओं ने आधा दूध कर कर दिया है।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Kaushambi

गाे हत्या के संदेह में चार काे उठाया

गाे हत्या के संदेह में चार काे उठाया

19 अक्टूबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: आश्चर्य! नीम के पेड़ के अंदर से निकलने लगी आग की लपटें

उत्तर प्रदेश के कौशांबी में उस वक्त सभी लोग हैरान रह गए जब उन्होंने एक नीम के पेड़ से आग को निकलते हुए देखा।

31 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree