कुष्ठ रोग निवारण दिवस पर विशेष

Kasganj Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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कासगंज। कुष्ठ रोग नियंत्रण के लिए सरकार की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों का पूरा लाभ जनपद को नहीं मिल रहा है। क्षेत्र में प्रतिवर्ष नए कुष्ठ रोगी चिह्नित हो रहे हैं। जनपद में पिछले नौ माह में 43 नए कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। शासन ने अभी तक जनपद में कुष्ठ रोग नियंत्रण विभाग का भी गठन नहीं किया है।
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कुष्ठ रोग पर नियंत्रण के लिए जनपद में जिला कुष्ठ अधिकारी, डिप्टी नॉन मेडिकल अधिकारी के पद होते हैं। लेकिन इन पदों का अभी तक जनपद में सृजन ही नहीं किया गया है। जनपद में तीन तहसीलों पर मात्र एक सुपरवाइजर है। प्रत्येक ब्लाक पर एक नान मेडिकल असिस्टेंट की व्यवस्था रहती है। सात ब्लाकों पर पांच पद भरे हुए हैं। पर्याप्त कर्मियों की तैनाती न होने से जनपद में कुष्ठ रोग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं लग पा रहा। पिछले नौ माह में जनपद में 43 नए कुष्ठ रोगी चिह्नित किए गए हैं। विभाग साढ़े चार साल में 250 कुष्ठ रोगियों का उपचार करने का दावा कर रहा है। सुपरवाइजर विनोद उपाध्याय ने बताया कि कुष्ठ रोग पर नियंत्रण के लिए मल्टी ड्रग ट्रीटमेंट चलता है। जिसमें पीवी का छह माह का उपचार रहता है जबकि एमबी का एक साल का उपचार होता है। अभी 34 कुष्ठ रोगी ऐसे हैं जो उपचाराधीन चल रहे हैं।


कहां कितने नए कुष्ठ रोगी-
कासगंज - 5
सोरों - 10
सहावर - 8
अमांपुर - 6
पटियाली - 4
गंजडुंडवारा - 6
सिढ़पुरा - 4

कुष्ठ रोग के लक्षण-
कुष्ठ रोग के प्रारंभ में शरीर के किसी भाग में खुजली होती है। रोगी देर तक खुजलाता है तो उस भाग की त्वचा लाल हो जाती हैं। जीवाणुओं के संक्रमण से रक्त दूषित होता है। मांसपेशियों में पीड़ा होती है। रोगी ज्वर से भी पीड़ित होता है। धूप के संपर्क में त्वचा में तीव्र जलन होती है। खुजली से जख्म बनने से शोथ होता है। कुछ दिनों में उस शोथ में पूय बनने लगती है और फिर पूयस्त्राव होने लगता है। यदि उस पूयस्त्राव का परीक्षण किया जाए तो कुष्ठ रोग के जीवाणु मिलते हैं। चिकित्सा में लापरवाही बरतने से रोग अधिक बढ़ जाता है और उक्त अंग गलने लगता है।

क्या खाएं
- कुष्ठ रोगी को प्रतिदिन बथुए की सब्जी खाने से बहुत लाभ होता है।
- नीम के पत्तों को जल में उबालकर स्नान करें।
- आंवले का प्रतिदिन तीन ग्राम चूर्ण जल के साथ सेवन करें।
- फूलगोभी की सब्जी और अंकुरित चने प्रतिदिन खाएं।
- जिमीकंद की सब्जी, नीम की पकी निबौली भी खाएं।

क्या न खाएं-
- फ ास्ट फू ड व चाइनीज व्यंजनों का सेवन न करें।
- चाय, कॉफ ी व शराब बहुत हानि पहुंचाती है।
- तेल, घी, मक्खन आदि से बनी चीजें न खाएं।
- मांस, मछली व अंडे के साथ साथ तेज मिर्च मसालों से बनी तली हुई चीजों का सेवन न करें।

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