बार-बार बेहोश हो रही हैं छात्राएं

Kasganj Updated Fri, 21 Dec 2012 05:30 AM IST
कासगंज। सिढ़पुरा के कस्तूरबा विद्यालय की छात्राओं की सेहत में अभी सुधार नहीं हो रहा है। छात्राएं बार-बार बेहोश हो रही हैं। जिला चिकित्सालय से गुरुवार की सुबह छात्राओं को छुट्टी दे दी गई थी। सिढ़पुरा पहुंचने के कुछ घंटों बाद ही छात्राओं की स्थिति पहले की तरह खराब होने लगी। आनन फानन में उन्हें चिकित्सालय लाया गया। जिलाधिकारी चैत्रा वी ने चिकित्सालय पहुंचकर चिकित्सकों को लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
सिढ़पुरा के कस्तूरबा विद्यालय की 29 छात्राओं को चिकित्सकों ने नजदीक एक्सपायरी का विटामिन ए का सीरप दे दिया था। अन्य दवाइयां भी दी गईं। इससे छात्राओं की तबियत खराब हो गई। बुधवार को छात्राओं को कासगंज के जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां सुबह तक सभी छात्राओं छुट्टी दे दी गई। छात्राएं सिढ़पुरा विद्यालय पहुंचीं, वहां उन्हें चिकित्सकों की राय के मुताबिक नमकीन दलिया दिया गया। लेकिन कुछ देर बाद ही छात्राओं को फिर से पहले की तरह पेट में दर्द, सिर में दर्द जलन आदि की शिकायत होने लगी। शिकायत पर तत्काल ही सभी छात्राओं को जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
जिले के चिकित्सकों के अलावा एटा के चिकित्सकों को भी इलाज के लिए बुलाया गया है। कई छात्राएं बार-बार बेहोश हो रही हैं। जिलाधिकारी चैत्रा वी, एडीएम बीएम मिश्रा, एसडीएम कासगंज संतोष कुमार वैश्य स्वयं चिकित्सालय में मौजूद रहे। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार, सेवानिवृत्त सीएमओ डॉ. एके मैनी को विशेष रूप से बुलाया गया। चिकित्सकों ने छात्राओं की स्थिति को खतरे से बाहर बताया।

जेल जाएंगे लापरवाह डाक्टर: डीएम
कासगंज। जिलाधिकारी चैत्रा वी ने कहा कि दोषी चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। लापरवाही के लिए इन्हें अब जेल भी जाना होगा। जिलाधिकारी ने बताया कि इस पूरे मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।

तीन सदस्यीय टीम गठित
कासगंज। सीएमओ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जंाच के लिए डिप्टी सीएमओ डॉ. प्रदीप के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है। यह जांच टीम विस्तार से मामले की जांच कर उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी।

अभिभावकों ने जताया आक्रोश
कासगंज। अभिभावकों का कहना है कि चिकित्सकों ने यदि दवा देने में लापरवाही नहीं की होती तो छात्राओं की हालत न बिगड़ती। अभिभावक श्याम सिंह, रीना, संतोषी का कहना था कि गलत दवा देने से उनकी बेटी की तबियत खराब हुई है। आज चिकित्सालय से छुट्टी देने की कुछ अभिभावक मना कर रहे थे, लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें भेज दिया, जहां उनकी फिर से तबियत खराब हो गई। जिलाधिकारी ने सभी छात्राओं के अभिभावकों को अच्छा इलाज कराए जाने का आश्वासन दिया।

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