--आखिर ऐसे में गेहूं बीज कैसे रहे सुरक्षित

Kasganj Updated Tue, 20 Nov 2012 12:00 PM IST
कासगंज। आखिर गेहूं के बीज में घुन क्यों नहीं लगे, वह क्यों खराब नहीं हो, उसे सुरक्षित रखने की कोई व्यवस्था ही नहीं है। यहां के बीज विधान प्लांट में तीन जनपदों का बीज तो तैयार किया जाता है, लेकिन तैयार को सुरक्षित रखने के लिए गोदाम नहीं है। प्लांट में ही बीज को रखा जाता है। उसकी भी सही से देखरेख नहीं की जाती है।
जनपद में बर्ष 1980 में बीज विधान प्लांट की स्थापना की गई थी। बीज को तैयार कराने के लिए मोहनपुर में 10 हेक्टेयर का विभाग का अपना फार्म हाउस है, जिससे लगभग 4 सौ क्विंटल गेहूं व जौ का बीज उत्पादित होता है। इसके अलावा हाथरस जनपद के रतनपुर फार्म हाउस से 3 सौ क्विंटल बीज तथा एटा जनपद के मलावन, लोधपुर, कनौल, धरोली, सिकराऊ फार्म हाउस से 25 सौ क्विंटल बीज यहां शोधन के लिए आता है। तीन जनपदों के बीज शोधन का कार्य होने के बावजूद प्लांट पर बीज को संरक्षित रखने के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। विभाग आज तक यहां पर बेयर हाउस की स्थापना तक नहीं कर सका है। जिससे प्लांट में तैयार होने वाले बीज को जगह के अभाव में शोधित करने के बाद यहीं पर रख दिया जाता है। शोधन कार्य के दौरान निकलने वाली तमाम बेस्टेज भी यहीं पर पड़ी रहती है। इतना ही नहीं समितियों का बीज भी यहीं पर रखा जाता है। यहां पर हजारों क्विंटल बीज का भंडारण होने के बाद भी बीज के संरक्षण को लेकर लापरवाही बरती जाती है। जिससे बीज खराब होने का खतरा हर समय बना रहता है।बेयर हाउस की डिमांड शासन में है लंबित। प्लांट के इंचार्ज दिलशेर खां ने बताया कि बीज विधान प्लांट से शोधित होने वाले बीज को संरक्षित रखने के लिए एक साल पहले शासन को 50 हजार क्विंटल की क्षमता के बेयर हाउस की डिमांड भेजी गई थी। दो हजार क्विंटल की क्षमता के सेंटर गोदाम की डिमांड भेजी गई थी। अभी शासन से इनकी मंजूरी नहीं मिली है। चौकीदार तक नहीं है प्लांट पर। बीज शोधन प्लांट पर सुरक्षा को लेकर भी विभाग गंभीर नहीं है। विभाग चौकीदार की तैनाती तक प्लांट पर नहीं कर पाया है। चौकीदार नहीं हीने से भंडारित बीज की सुरक्षा को लेकर भी हर समय खतरा बना रहता है।

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