78 करोड़ के सड़क निर्माण के प्रस्ताव लटके शासन में

Kasganj Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
कासगंज। लोक निर्माण विभाग की सड़के एक सीजन की बारिश में ही जवाब दे गई हैं। ये सड़कें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और इनके खड्डे बढ़ते ही जा रहे हैं। यह स्थिति यातायात के लिए बड़ी समस्या है। वहीं राहगीर और क्षेत्र के लोग बेहद परेशान हैं।
कासगंज अतरौली मार्ग पर बिलराम गेट चौराहे से ही गढ्ढों शुरू हो जाते हैं। मार्ग का कुछ हिस्सा शहरी इलाके में आता है। जहां इलाकाई लोगों का आवागमन प्रतिदिन होता है। प्रतिदिन रिक्शे पलटते हैं और हादसे होते हैं। कासगंज अमांपुर मार्ग भी काफी जर्जर है। यह सिंगल रोड होने के कारण यहां सड़क के गढ्ढे वाहन चालकों को बेहद परेशान करने वाले हैं। इसी मार्ग पर गल्ला मंडी भी है। गल्ला मंडी की वजह से काफी ट्रैफिक इस मार्ग पर रहता है। अमरपुर घाट पर भी पुल के नजदीक बरसात के चलते काफी चौड़े गड्ढे सड़क में हो गए हैं। कासगंज इस्माइलपुर रोड भी काफी जर्जर है। कासगंज सिकंदराराऊ मार्ग पर भी कई स्थानों पर सड़क कट गई है। इस ओर उदासीनता बनी हुई है। कासगंज से मिरहची की ओर जाने वाली सड़क भी काफी खराब हो चुकी है। एटा से मिरहची तक इस सड़क का निर्माण हो चुका है, लेकिन मिरहची से कासगंज तक सड़क न बन पाने से काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सोरों और नगरिया के इलाकों में भी कई सड़कें खस्ताहाल हैं। अमांपुर एटा मार्ग में भी काफी बड़े गडढे हैं।निर्माण के लिए शासन को भेजे हैं प्रस्ताव। लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता सीपी सिंह का कहना है कि जर्जर सड़कों का सर्वेक्षण करके उनके निर्माण के प्रस्ताव शासन को भेजे गए हैं। इन प्रस्तावों में कासगंज क्षेत्र के 44 करोड़ रुपये के प्रस्ताव हैं, जबकि 34 करोड़ के प्रस्ताव पटियाली, सिढ़पुरा, गंजडुंडवारा आदि इलाकों के हैं। शासन से जैसे ही प्रस्ताव स्वीकृत होंगे, सड़क निर्माण का कार्य शुरु करा दिया जाएगा। उन्हाेंने बताया कि कासगंज एटा मार्ग को फोर लेन बनाए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। वहीं इंड्रस्ट्रियल ऐरिया में सीसी निर्माण भी शासन में लंबित है।बाईपास के जर्जर होने से मुख्य बाजार की सड़क भी उखड़ी। कसबा पटियाली का एक मात्र बाईपास पिछले दो वर्षो से जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों की उपेक्षा के कारण बदहाल है। बरसात के दिनों में इस बाईपास पर तीन से चार फुट तक पानी भरा रहता है। बाईपास पर नाले के पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है क्योंकि बाईपास पर बनी तीन पुलियां जीर्ण शीर्ण है। जिनसे पानी की निकासी असंभव है। नतीजन हल्की सी बरसात होने पर भी बाईपास दलदल का रूप धारण कर लेता है। पिछले दो वर्षो से टूटा बाईपास होने के कारण छोटे और भारी वाहन मुख्य बाजार से होकर गुजरते हैं। जिस कारण मुख्य बाजार की सड़क भी जगह जगह से टूट गई है और उसमें बड़े गड्ढे हो गए हैं। जिसके चलते दिन में समय समय पर कसबा में जाम लग जाता है और वाहन चालक जनता तथा व्यापारियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पैसा आया निर्माण के लिए हो रही मरम्मत। पटियाली। जिला कार्ययोजना की बैठक में क्षेत्रीय सांसद व पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने बाईपास के निर्माण के लिए धन स्वीकृत करने के लिए निर्देश दिए थे। उनके निर्देश पर बाईपास के निर्माण को धन का आवंटन हो गया, किंतु बाईपास का निर्माण होने की जगह उसकी जगह मरम्मत कर कर्तव्य की इतिश्री की जा रही है। इस संबंध में उपजिलाधिकारी प्रेमनाथ ने बताया कि कसबा के लोगों की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को पत्र भेजकर जांच करने के निर्देश दिये गये हैं।

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