किसानों की समस्याओं का कृषि वैज्ञानिकों ने किया निराकरण

Kasganj Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
कासगंज। खरीफ मेला, किसान गोष्ठी और प्रदर्शनी के दौरान गुरुवार को यहां कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से सीधा संवाद किया। उन्होंने किसानों की समस्याओं का निराकरण किया। साथ ही वैज्ञानिक तकनीक अपना कर व्यवसायिक खेती पर भी ध्यान देने पर जोर दिया।
सोरों रोड स्थित बारह पत्थर मैदान पर खरीफ मेला,किसान गोष्ठी और प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। यहां किसानों को विभिन्न खेती संबंधी लाभप्रद जानकारियां लघुनाटकों एवं गीतों के माध्यम से भी दी गईं। उप कृषि निदेशक आरपी चौधरी ने कहा कि खेतों को खाली न छोड़े। ढेंचे की खेती करके अपने खेतों की उर्रवरा शक्ति को बढ़ाएं। वहीं जिला कृषि अधिकारी चरन सिंह ने कहा कि कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त करने का प्रयास करें। परंपरागत खेती के साथ ही व्यवसायिक खेती पर भी ध्यान दें। उप परियोजना निदेशक राजकुमार सिंह ने कहा कि किसान नवीनतम तकनीकी जानकारी प्राप्त कर वैज्ञानिक ढंग से खेती करें। उन्होंने कहा कि पशुओं से अधिक दूध लेने के लिए आक्सीटोसिन इंजेक्शन के प्रयोग से बचें। समय से बुआई करें और उन्न्तशील प्रमाणिक बीजों का प्रयोग कर अधिक उत्पादन प्राप्त करें। मृदा परीक्षण कराकर ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग कर कृषि उत्पादन को बढ़ायें। हरी खाद, कम्पोस्ट खाद का अधिक उपयोग करें। खरीफ मेले में यूपी एग्रो, मृदा परीक्षण, खाद, उन्नतशील बीज, गन्ना, कृषि रक्षा रसायन आदि के स्टाल लगाये गये थे। गोष्ठी के दौरान किसानों ने खेती बाड़ी से संबंधित शंकाओं के निराकरण के लिए कई प्रशभन वैज्ञानिकों से पूछे, जिनका क़ृषि वैज्ञानिकों ने उत्तर देकर उनकी समस्याओं का निस्तारण किया। इस मौके पर डा. आरएल राजपूत, डा. नेत्रपाल, सुखवीर सिंह, डा. विश्वजीत, डा. सुधीर सारस्वत, डा. मनीश कुमार, अमर सिंह, जयपाल सिंह आदि कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को शासन द्वारा संचालित कृषि योजनाओं व देय सुविधाओं की विस्तार से जानकारी देते हुये कहा कि खेतों को खाली न छोड़ें। ढेंचे की खेती कर भूमि की उर्वरा शक्ति को बढ़ायें।

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