1.62 लाख लोगों की स्वास्थ्य रक्षा को एक डाक्टर

Kasganj Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
कासगंज। जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवा का बुरा हाल है। सरकारी अस्पतालों में मात्र नौ डाक्टर हैं। अर्थात एक डाक्टर पर 1.62 लाख लोगों की स्वास्थ्य रक्षा की जिम्मेदारी है। गंजडुंडवारा स्वास्थ्य केंद्र तक पर नियमित चिकित्सक तैनात नहीं हैं। जबकि नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक विहीन हैं। जबकि इन दिनों जिले में बीमारियां भी फैली हुई हैं। डाक्टरों की कमी से बीमार लोग प्राइवेट क्लीनिकों या झोलाछाप डाक्टरों से उपचार कराने को मजबूर हैं।
जनपद की चौदह लाख अठावन हजार की आबादी है। इस आबादी की स्वास्थ्य रक्षा के लिए एक संयुक्त चिकित्सालय, चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 29 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भी हैं। इतनी व्यवस्थाओं के बावजूद लोग उपचार को लेकर परेशान हैं। शासन लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए जनपद को चिकित्सक देना भूल गया है। जनपद में 92 चिकित्सकों के पद सृजित हैं। जबकि वर्तमान में मात्र नौ चिकित्सक ही हैं। दस प्रतिशत चिकित्सकों की तैनाती होने से स्वास्थ्य सेवा पटरी से उतर गई है। एक चिकित्सक के ऊपर एक लाख बासठ हजार लोगों के स्वास्थ्य रक्षा की जिम्मेदारी है। प्रतिदिन स्वास्थ्य केंद्रों पर दो से तीन हजार मरीज पहुंचते हैं, ऐसे में इन मरीजों को किस तरह से चिकित्सा सेवा मिल पाती होंगी, स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीज तो ऐसे में भगवान भरोसे ही अपना स्वास्थ्य सुरक्षित रखे हुए हैं। गंजडुंडवारा जैसे महत्वपूर्ण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक भी चिकित्सक की तैनाती नहीं है। यहां पर सहावर के चिकित्सक को अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। मुख्य चिकित्साधिकारी डा. वीके सिंह का कहना है कि शासन को चिकित्सकों की डिमांड भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक चिकित्सक नहीं मिले हैं। जनपद को जल्द ही चिकित्सकों के मिलने की उम्मीद है।

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