कैनाल रूट बाईपास प्रस्ताव की सुध नहीं

Kasganj Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
कासगंज। समाजवादी पार्टी की सरकार के छह महीने पूरे हो चुके हैं। सरकार अपनी उपलब्धियां गिना रही है, लेकिन कासगंज इलाके में सरकार अभी उपलब्धियों जैसा कुछ नहीं दे पाई है। यहां के केनाल रूट बाईपास का प्रस्ताव शासन में लंबित चल रहा है, लेकिन सरकार को अभी तक इस प्रस्ताव की सुध नहीं है। परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह, सपा इकाई, व्यापारी व विभिन्न संगठनों ने बाईपास के लिए काफी पैरवी की है, लेकिन नतीजा सिफर है।
कासगंज नगर में मौजूदा सर्कुलर रोड आबादी इलाके का क्षेत्र है। यहां पूरे रोड पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हैं, वहीं घनी आबादी भी रहती है। राजस्थान से उत्तराखंड की ओर जाने वाले ट्रैफिक का पूरा दबाव इस रोड पर है। वहीं अपने गृह राज्य का काफी ट्रैफिक इस मार्ग पर है। ऐसी स्थिति में यहां हर वक्त जाम के हालात रहते हैं। लोक निर्माण विभाग के द्वारा केनाल रूट बाईपास का एक ऐसा प्रस्ताव शासन को बनाकर भेजा गया, जिसमें न तो किसानों की भूमि का अधिगृहण होगा और न ही किसी अन्य तरह के खर्चे सरकार को झेलने होंगे। करीब 15-16 किलोमीटर लंबा बाईपास पचास करोड़ की लागत से तैयार होगा। यह बाईपास हजारा नहर की पटरी के समानांतर बनाया जाना प्रस्तावित है। चार माह के बाद भी इस प्रस्ताव पर शासन में कोई प्रगति नहीं है। व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष सुरेश वार्ष्णेय ने कहा कि बाईपास का निर्माण नगर के लिए बेहद जरूरी है।

प्रस्ताव पास कराने के लिए हैं प्रयासरत: मानपाल
कासगंज। क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश सरकार के परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह का कहना है कि केनाल रूट बाईपास प्रस्ताव काफी बेहतर है। वे इस प्रस्ताव को पारित कराने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत हैं। मुख्यमंत्री से भी इस प्रस्ताव के लिए प्रयास किए गए हैं। वहीं लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव को भी यह प्रस्ताव सौंपा गया है और विस्तार से चर्चा हुई है।

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