पांच हजार क्यूसेक पानी का और इजाफा

Kanshiram Nagar Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
कासगंज। गंगा नदी में जलस्तर के हालात जस के तस बने हुए हैं, केवल पांच हजार क्यूसेक पानी का ही इजाफा जलस्तर में हुआ है। लो-फ्लड लेवल की स्थिति बनी हुई है। इसका तटवर्ती इलाकों में कोई असर नहीं है। तटवर्ती इलाकों के ग्रामीण लोग बराबर गंगा के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
सोमवार को गंगा में हरिद्वार के मुकाबले बिजनौर और नरौरा बांध पर जलस्तर में 30 हजार क्यूसेक का अंतर आया है। हरिद्वार पर एक लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। वहीं बिजनौर पर एक लाख 32 हजार क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज था। यह डिस्चार्ज नरौरा पर बढ़कर एक लाख 28 हजार क्यूसेक हो गया। जिले में इतने पानी का मानक लो फ्लड का है। लो फ्लड के हालातों में ग्रामीण इलाकों को कोई खतरा नहीं है। बस निचले इलाकों में गंगा धार किनारे से सटकर बह रही है। प्रभारी डीएम अजय कुमार अवस्थी ने गंगा के पानी की निगरानी के लिए सभी तहसीलों से उपजिला मजिस्ट्रेट्स को निर्देश दिए हैं। वहीं, राजस्व कर्मियों को बराबर निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता शिवमंगल सिंह यादव ने बताया है कि जिले में हरिद्वार से पानी का डिस्चार्ज लगातार बढ़ने पर ही बाढ़ के हालात पैदा होंगे और यह पहाड़ों की बारिश पर बहुत कुछ निर्भर करता है।

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