तहसील दिवस नहीं उतर रहे कसौटी पर खरे

Kanshiram Nagar Updated Wed, 22 Aug 2012 12:00 PM IST
कासगंज। आम जनता की समस्याओं के निदान के लिए आयोजित होने वाले तहसील दिवस कसौटी पर खरे नहीं उतर पा रहे। फरियादी बार्र-बार तहसील दिवसों के चक्कर लगाते हैं। लेकिन अधिकारी उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। तहसील दिवसों में अधिकारी एक सप्ताह का समय समस्या निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हैं, लेकिन इनका पालन नहीं हो पाता। जिससे पीड़ित को फिर से अपनी फरियाद लगानी होती है।
सोरों विकास क्षेत्र के ग्राम हरसेना निवासी सुमित्रा देवी पत्नी महिपाल ने बताया कि इंद्रा आवास योजना के अंतर्गत उनका आवास स्वीकृत किया गया। आवास के लिए दो किश्तें तो जारी कर दी गईं, जिससे उन्होंने अपने आवास का निर्माण करा लिया। लेकिन तीसरी किश्त जारी नहीं हुई। जिससे आवास का पटान नहीं हो सका। वह लगातार तीन तहसील दिवस में अपनी फरियाद रख चुकी हैं, लेकिन उनकी समस्या का अभी तक निदान नहीं हो सका है।
सोरों के ही उकर्री निवासी जालिम पुत्र कढ़ेर ने बताया कि उसकी जमीन के बराबर से चकमार्ग है। इसके अलावा खेत तक जाने का कोई अन्य रास्ता नहीं है। इस चकरोड पर गांव के ही दबंगों ने कब्जा कर लिया, जिसकी शिकायत तहसील दिवस में की गई। शिकायत के बाद लेखपाल द्वारा चकरोड को साफ भी कराया, लेकिन फिर से चकरोड पर दबंगों ने कब्जा कर लिया। इसके बाद से वह चार बार शिकायत कर चुका है, लेकिन अभी तक समस्या का हल नहीं हुआ।
मुबारिकपुर सिगतरा निवासी मनीराम पुत्र शोभाराम का कहना है कि चकबंदी के तहत उसे भूमि मिली थी। जिस पर उसे आज तक कब्जा नहीं मिला है, उसने चार मई 2011 को तहसील दिवस में अपना प्रार्थनापत्र दिया था। प्रार्थनापत्र पर एसडीएम द्वारा आदेश जारी किए गए, इसके बाद 25 मई को फिर प्रार्थना पत्र दिया, फिर आदेश जारी हुए। इसके बाद भी वह कई बार अपना प्रार्थनापत्र तहसील दिवस में दे चुका है लेकिन आज तक उसे जमीन का कब्जा नहीं मिला है।

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