प्रधानों की मनमानी पर शासन का डंडा

Kanshiram Nagar Updated Mon, 13 Aug 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें

विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
कासगंज। मनरेगा योजना में मजदूरी के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वाले प्रधानों पर शासन का डंडा चल गया है। शासन ने मनरेगा में ई मस्टरोल व्यवस्था लागू कर दी है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद मजदूर के नाम से ही मस्टरोल जारी होगा।
मनरेगा योजना गरीबों को रोजगार देने को लागू की गई लेकिन इस योजना का लाभ जरूरतमंद मजदूरों को नहीं मिल पा रहा। प्रधानों के द्वारा अपने चहेते मजदूरों के नाम से जॉब कार्ड बनाकर मस्टरोल पर फर्जी काम दिखाकर धन का गोलमाल किया जा रहा था। इस तरह की तमाम शिकायतें शासन के संज्ञान में आई। प्रधानों की मनमानी पर शासन ने अंकुश लगा दिया है। मस्टरोल की व्यवस्था निर्धारित की गई है। इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद ग्राम पंचायतों ने विकास खंड कार्यालयों से ई मस्टरोल जारी किए जाएंगे। यह मस्टरोल मजदूर के नाम से सीधे जारी होगा। इसमें मजदूरी के दिनों का पूरा विवरण अंकित किया जाएगा। इसके बाद मस्टरोल से कम्यूटर में ही फीडिंग होगी। इसके बाद ही मजदूर की मजदूर जारी होगी। इस संबध में डीआरडीए के सहायक अभियंता एसके त्रिपाठी ने बताया कि ई मस्टरोल के माध्यम से अब प्रधान मजदूरी में गोलमाल नहीं कर पाएगें। अधिकतम 100 दिन का रोजगार मजदूर का पूरा हो जाने पर फिर से उसके नाम से मस्टरोल जारी नहीं हो सकेगा। मस्टरोल पर जॉब कार्ड का नंबर अंकित होगा। इसके अलावा मजदूर का पूरा विवरण भी अंकित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। यदि कहीं भी मेनुअल मस्टरोल का प्रयोग ग्राम पंचायतों में किया जाता है तो दोषियों के खिलाफ कार्यवाही होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us