2 मई से बंद पड़े हैं विजयनगर चौराहा पर लगे कैमरा फोटो

Amarujala Local Bureauअमर उजाला लोकल ब्यूरो Updated Thu, 02 Jul 2020 06:51 PM IST
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the cameras on Vijay Nagar chouraha is shut down from 2nd may

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आदर्श त्रिपाठी, कानपुर। करोड़ों रुपए की लागत से विकसित हुआ इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) सरकारी सिस्टम की अनदेखी का शिकार है। लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन कराने और उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान भेजने के लिए विकसित किया गया आईटीएमएस खुद सही तरीके से नहीं चल पा रहा है। ताज़ा मामला विजय नगर चौराहा पर लगे कैमरों का है। 2 मई को शहर में आए आंधी तूफान के दौरान विद्युत लाइनों के टूटने से आए करंट से कैमरों की लाइन व बॉक्स फुंक गए थे। तब से लेकर आज तक यह सुधर नहीं पाए हैं। कैमरे बंद होने से विजय नगर चौराहा पर ऑनलाइन चालान की प्रक्रिया भी ठप है। अब सिर्फ शहर में बड़ा चौराहा पर ही प्रतिदिन करीब 100 से 200 वाहनों के ऑनलाइन चालान भेजे जा रहे हैं। केडीए की ओर से करीब 32 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया गया आईटीएमएस शुरुआत से ही बेपटरी है। इसमें सबसे पहले सेंसर को ही कैमरा बताकर काम खत्म कर लिया गया। अमर उजाला ने इस गोरखधंधे के खिलाफ अभियान चलाया तो ऑनलाइन चालान के लिए कैमरे लगाए गए। 5 जून 2018 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऑनलाइन चालान की शुरुआत की। इसके बाद कभी बिजली कनेक्शन, तो कभी सिग्नल खराबी के कारण सिस्टम कभी सही से चल नहीं पाया। केडीए की ओर से सिस्टम का रखरखाव नगर निगम को हैंड ओवर कर दिया गया है। नगर निगम ने कैमरों, ऑनलाइन चालान और इसके कंट्रोल रूम संचालन की जिम्मेदारी बीएसएनएल को से रखी है। ट्रैफिक सिग्नल की देखरेख की जिम्मेदारी 5 वर्ष तक सिस्टम लगाने वाली कंपनी ओनिक्स इलेक्ट्रॉनिक को उठानी है। कैमरों का सिस्टम फुकने की जानकारी बीएसएनएल अधिकारियों ने नगर आयुक्त को भेजकर मरम्मत के लिए पैसा मांगा है। कोरोना के दौर में आर्थिक संकट से जूझ रहे नगर निगम की ओर से अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। ऑनलाइन चालान के साथ ही चौराहे की निगरानी भी नहीं हो पा रही है। सालाना देखरेख के पैसे का भी भुगतान नहीं नगर निगम शहर के सभी 68 चौराहों पर लगे कैमरों और सिस्टम की मेंटेनेंस के लिए बीएसएनल को सालाना करीब सवा करोड़ रुपए का भुगतान करता है। हर साल 5 जून को भुगतान किया जाता है। कोरोना संक्रमण के चलते हाय घटने के कारण नगर निगम ने अब तक इसका भी भुगतान नहीं किया है। भुगतान न होने पर कंट्रोल रूम समेत सभी चौराहों पर सिस्टम ठप हो जाने की आशंका है।
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