#जीएसटीएकवर्षः रिफंड नहीं दे पाई सरकार, रुकी कारोबार की रफ्तार 

यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Updated Mon, 02 Jul 2018 06:24 PM IST
डेमाे पिक
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जीएसटी को लागू हुए एक साल पूरा हो गया। देश के सबसे बड़े कर सुधार के गवाह बने व्यापारी और कारोबारी अभी भी इसकी पेचीदगियां झेल रहे हैं। लघु एवं मध्यम उद्योगों में सिर्फ जीएसटी के कारण ही 20 से 30 फीसदी उत्पादन में कमी बताई जा रही है।
इसके पीछे बड़ी वजह वस्तु के उत्पादन के लिए पहले से दिए गए टैक्स का रिफंड समय पर नहीं मिलना है। इस स्थिति में एक साल बाद भी कोई सुधार नहीं है। कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव जिले में 10 हजार से अधिक उत्पाद यूनिटें लगी हुई हैं। यहां पर दो हजार से अधिक विभिन्न तरह के निर्यातक भी कारोबार में सक्रिय हैं।

उत्पादक और निर्यातक वस्तु के उत्पादन अथवा निर्यात करने में जिस टैक्स का भुगतान कर चुके होते हैं वस्तु की बिक्री के बाद उसका रिफंड सरकार की ओर से दिया जाता है। यह रिफंड इनपुट टैक्स क्रेडिट और इंटीग्रेटेड जीएसटी के रूप में होता है। जीएसटी में कारोबारियों की सबसे बड़ी परेशानी रिफंड न मिलना है। सैकड़ों कारोबारियों का रिफंड कई महीने से लटका है। 
 
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