विज्ञापन

चार डिग्री गिरा तापमान लेकिन उमस से आफत

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Tue, 06 Jun 2017 10:43 PM IST
ख़बर सुनें
चार डिग्री गिरा तापमान, उमस बनी आफत
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। तीन दिनों से तप रही धर्मनगरी में मंगलवार की सुबह कुछ इलाकों में मामूली बारिश हुई। जिससे भीषण गर्मी से आंशिक राहत मिली और तापमान में चार डिग्री की गिरावट आई। लेकिन बारिश के बाद उमस ने लोगों को परेशान कर दिया।
नौतपा में जिले का तापमान 48 डिग्री को पार कर गया और आम जनमानस भीषण गर्मी में कराह उठा। खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में एक सप्ताह में बिजली की आंख मिचौली से सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा। शहरी क्षेत्र में भी बिजली कटौती से जनमानस परेशान रहा। मंगलवार को मानिकपुर के आस पास सरैंया, माराचंद्रा समेत आधा दर्जन गांव में लगभग 15 मिनट तक बारिश हुई। जिससे लोगाें को गर्मी से राहत मिली।
इस बारिश का प्रभाव पूरे जिले के तापमान पर भी पड़ा। हालांकि उमस भरी गर्मी से कुछ राहत रही लेकिन ज्यादा सकून नहीं मिल पाया। तापमान में जरूर चार डिग्री तक गिरावट आई। सोमवार को जहां तापमान 48 डिग्री पार कर गया था वहीं मंगलवार को तापमान 44 डिग्री रहा।

Recommended

सर्दी में ज्यादा खाएं देसी घी, जानें क्यों कहते हैं इसे ब्रेन फूड और क्या-क्या हैं इसके फायदे
ADVERTORIAL

सर्दी में ज्यादा खाएं देसी घी, जानें क्यों कहते हैं इसे ब्रेन फूड और क्या-क्या हैं इसके फायदे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Kanpur

Kumbh Mela 2019: शाही स्नान करने पहुंचे आग बबूला नागा साधुओं ने किया स्नान का बहिष्कार, दी चेतावनी

कुंभ में प्रयागराज में आज पहला शाही स्नान बड़ी धूमधाम से हुआ वहीं फर्रुखाबाद जिले में मकर संक्रांति पर शाही स्नान के लिए आए नागा साधुओं का खून गंगा में गिरने वाले नालों को देखकर खौल उठा।

16 जनवरी 2019

विज्ञापन

हर रोज कानपुर के कछुआ तालाब आते हैं बड़ी तादाद में लोग, ये है वजह

 यूपी के कानपुर के पनकी में कछुआ तालाब में कछुओं के दर्शन करने और उन्हें खाना खिलाने के लिए बड़ी तादाद में श्रद्धालु यहां आते हैं। दरअसल ऐसी मान्यता है कि अगर यहां कछुओं के दर्शन कर उन्हें भोजन करवाया जाए तो राहु-केतु की दशा दूर होती है।

13 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree