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कोरोना की तीसरी लहर : आईआईटी के दो प्रोफेसर आमने-सामने, कर रहे अलग-अलग दावे

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर Published by: शिखा पांडेय Updated Thu, 24 Jun 2021 08:30 AM IST

सार

सर गणितीय मॉडल के आधार पर आईआईटी के प्रो. राकेश रंजन ने जो स्टडी की है। उसके मुताबिक सितंबर-अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर का पीक होगा और वह अधिक खतरनाक साबित होगी। 
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आईआईटी कानपुर
आईआईटी कानपुर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर को लेकर अलग-अलग अनुमान लगा रहे लोगों की जमात में अब आईआईटी कानपुर भी शामिल हो गया है। तीसरी लहर को लेकर आईआईटी के दो प्रोफेसर आमने-सामने हैं।
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एक प्रोफेसर जहां अपनी स्टडी के माध्यम से कोरोना की भयावहता को दर्शा रहे हैं, वहीं अन्य प्रोफेसर का कहना है कि कोरोना की तीसरी लहर कमजोर रहेगी। सर गणितीय मॉडल के आधार पर आईआईटी के प्रो. राकेश रंजन ने जो स्टडी की है।


उसके मुताबिक सितंबर-अक्तूबर में कोरोना की तीसरी लहर का पीक होगा और वह अधिक खतरनाक साबित होगी। जबकि संस्थान के ही वरिष्ठ वैज्ञानिक व पद्मश्री प्रो. मणींद्र अग्रवाल सूत्र गणितीय मॉडल के आधार पर तीसरी लहर को दूसरी लहर की अपेक्षा में कमजोर बता रहे हैं।

हालांकि उनकी स्टडी अभी चल रही है। प्रो. रंजन के मुताबिक पूरा देश 15 जुलाई तक अनलॉक हो जाएगा। यह वैसी ही स्थिति होगी जैसी जनवरी 2021 में हुई थी। मतलब, लोग मास्क नहीं लगाएंगे और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करेंगे।
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