सख्ती पर कैदी भड़के, दारोगा को सरिया मारी

Kanpur Updated Sat, 06 Oct 2012 12:00 PM IST
कानपुर। पेशी से बंदी के भागने के बाद शुक्रवार को बंदी रक्षकों और सिपाहियों ने सख्ती की। सेशन हवालात में बैठे बंदियों में किसी भी परिजन के मिलने पर पाबंदी लगा दी। इससे परिजन बंदियों का सामान लिए खड़े रहे। यह देख बंदी भड़क गए और दारोगा जगतवीर के पैर में सरिया मार दी। उनके पैर से खून बहने लगा। मामले की सूचना पर डीआईजी और डिप्टी जेलर मौके पर पहुंचे और बंदियों को शांत कराया।
मालूम हो कि गुरुवार को एक बंदी पुलिस अभिरक्षा से भागा था। इसी कारण बंदी रक्षकों और सिपाहियों ने सख्ती शुरू कर दी। कड़ी सुरक्षा में सुबह लगभग 11:15 बजे जैसे ही बंदियों को हवालात में ले जाया गया तो रास्ते में परिजन उन्हें खाने-पीने का सामान देने लगे। इस पर सुरक्षा कर्मियों ने परिजनों को धकिया सामान फेंक दिया। इस पर बंदी भड़क गए। हालत ये थी कि बंदी हवालात के गेट पर ही सिपाहियों से हाथापाईं करने लगे। धक्कामुक्की से अफरातफरी मची। इस बीच मौका पाकर किसी बंदी ने दारोगा को सरिया मारकर घायल कर दिया। सिपाही घायल दारोगा को अस्पताल ले गए। बंदी और सिपाही दोनों उग्र हुए तो हाथापाईं होने लगी। सूचना पर कोतवाली और अन्य थानों का फोर्स पहुंचा। बाद में डीआईजी और डिप्टी जेलर मौके पर जाकर मामले को शांत किया। इस चक्कर में पेशी पर बंदी कुछ देर से जा सके।
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आज से और सख्ती
कानपुर। कोतवाली प्रभारी आरके सिंह ने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि शनिवार से और सख्ती होगी क्योंकि बंदियों की तानाशाही किसी कीमत पर सहन नहीं की जाएगी।
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बेहमई कांड के गवाह से नहीं हुई जिरह
कानपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (सात) एमए खां की कोर्ट में बेहमई कांड में शुक्रवार को दूसरे गवाह वकील सिंह से जिरह होनी थी। बचाव पक्ष के वकील जिरह को हाजिर नहीं हुए। जबकि बचावपक्ष के वकील ने शुक्रवार को जिरह न करने का प्रार्थनापत्र दिया। इसका वादी पक्ष के वकील ने आपत्ति जताई और तर्क दिया कि महत्वपूर्ण मामले के दूसरे गवाह से जिरह प्रस्तावित थी। इस पर अदालत ने गंभीर रूख अपनाया और आरोपी विश्वनाथ और भीखा पर चार सौ रुपए का अर्थदंड किया। साथ ही चेतावनी दी कि सुनवाई अभी जारी है। दोबारा ऐसा हुआ तो दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी पर खारिज हो जाएगी।
मालूम हो कि बेहमई कांड के वादी और गवाह से पहले ही जिरह हो चुकी है। अदालत में आज दूसरे गवाह और घटना के शिकार वकील सिंह से जिरह होनी थी। पर बचावपक्ष के वकील जिरह को अदालत में नहीं आए। जबकि वादी पक्ष के वकील मौजूद थे। प्रार्थनापत्र आने के बाद विरोध किया तो अदालत ने अर्थदंड के साथ ही हिदायत भी बचाव पक्ष को दी। अब सुनवाई शनिवार को फिर होगी।
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वकील के खिलाफ गैरजमानती वारंट
कानपुर। अपर मुख्य महानगरीय मजिस्ट्रेट (पांच) की अदालत में कोई तीन साल से चल रहे धोखाधड़ी के मामले के आरोपी एवं वकील महेशमणि पांडे के हाजिर न होने पर उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किया गया है। पुलिस को हिदायत दी है कि 3 नवंबर को आरोपी को पकड़ अदालत में हाजिर करें। मालूम हो कि कैंट निवासी सुनील ने वाद दाखिल किया था कि वकील महेश मणि पांडे ने फैक्टरी खरीदवाने के नाम पर लाखों रुपए की ठगी की। कई बार मांगा तो वह घुड़की देने लगे। यह मामला 26 अगस्त-2009 को दाखिल हुआ था। तय तिथि पर न आने के कारण अदालत ने वकील महेशमणि पांडे के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। अगली सुनवाई के लिए 3 नवंबर की तिथि तय की है।

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