टंपरेरी टीचर्स पर टिकी यूआईईटी की पढ़ाई

Kanpur Updated Wed, 03 Oct 2012 12:00 PM IST
कानपुर। यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग टेक्नोलॉजी (यूआईईटी) सीएसजेएम विश्वविद्यालय की पढ़ाई टंपरेरी टीचर्स के सहारे चल रही है। इससे स्टूडेंट परेशान हैं। उनका कोर्स पूरा नहीं हो पा रहा है। रिसर्च वर्क प्रभावित है। इसे लेकर आल इंडिया टेक्निकल एजूकेशन काउंसिल (एआईसीटीई) ने आपत्ति जताई है। अब नेशनल असेसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) की ग्रेडिंग का संकट खड़ा हो गया है। नैक की टीम दिसंबर 2012 तक आनी है। यदि टीचर्स की गुणवत्ता ठीक नहीं मिली तो यूनिवर्सिटी का ग्रेड प्वाइंट बिगड़ सकता है।
यूआईईटी की स्थापना 1996 में हुई थी। तब से लेकर आज तक स्थायी निदेशक नहीं मिल सका है। रिटायर्ड टीचर या फिर रीडर को कार्यभार देकर काम चलाया जा रहा है। एआईसीटीई का नियम है कि कोर्स संचालन के लिए 75 फीसदी रेग्यूलर, 25 फीसदी टंपरेरी टीचर्स जरूरी हैं। निदेशक पद पर प्रोफेसर की तैनाती होनी चाहिए। यूआईईटी में इसका अनुपालन नहीं किया जा रहा है। मैटेरियल साइंस में 3 रेग्यूलर टीचर्स हैं। 3 टंपरेरी, 3 गेस्ट फैकल्टी से काम चल रहा है। इस कोर्स में 16 रेग्यूलर टीचर्स होने चाहिए। इसी तरह मेकेनिकल और इनफारमेशन टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट में 1-1 रेग्यूलर टीचर हैं। अन्य टीचर्स टंपरेरी हैं। ठीक यही हाल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग और केमिकल इंजीनियरिंग में भी है। इन कोर्सों में नियमानुसार टीचर्स नहीं रखे गए हैं। एमएससी फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ में एक भी प्रोफेसर नही हैं। एमएससी, एमफिल, बायो इनफारमेटिक्स की पढ़ाई भी राम भरोसे चल रही है। सूत्रों ने बताया कि यूआईईटी के 38 टीचर्स वेतनमान पा रहे हैं। 72 टीचर्स ऐसे हैं, जिन्हें फिक्स वेतन मिल रहा है। इनकी नियुक्ति 6 महीने के लिए हुई है। इसके बाद अनुबंध बढ़ाया जाता है। दिसंबर में नैक की टीम आने वाली है। इसलिए रिसर्च वर्क का ब्योरा मांगा गया है, लेकिन यह नहीं बताया है कि टंपरेरी टीचर्स के सहारे यूआईईटी के सभी कोर्स की मान्यता कैसे बरकरार रखी जाएगी।
ये हैं कोर्स, उनकी सीटें

बीटेक, 4 साल का कोर्स (6 पाठ्यक्रम)- 1440 स्टूडेंट
बीसीए, 3 साल का कोर्स- 720 स्टूडेंट
एमसीए- 320 स्टूडेंट
एमएससी इलेक्ट्रानिक्स- 40 स्टूडेंट
एमफिल-100 स्टूडेंट
बायोइनफारमेटिक्स 30 स्टूडेंट

ये रहे निदेशक
डा. एससी अग्रवाल, डा. पीसी निगम, डा. दयाल सरन, डा. रेनू जैन और डा. अर्पिता यादव (वर्तमान)।

टीचर्स की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसबार एआईसीटीई के मानक को ध्यान में रखकर टीचर्स रखे जाएंगे। निर्धारित अर्हता, नियम का खास ख्याल रखा जाएगा। टंपरेरी टीचर्स की नियुक्ति अस्थायी है। इससे नैक ग्रेडिंग प्रभावित नहीं होगी।
सय्यद वकार हुसैन, रजिस्ट्रार सीएसजेएम विश्वविद्यालय

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