1 मंत्री और अफसर 2, अब क्या हो

Kanpur Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
कानपुर। शहर में बेलगाम हुए बुखार और इलाज में लापरवाही पर काबू पाने के लिए रेशम एवं वस्त्रोद्योग मंत्री शिवकुमार बेरिया द्वारा बुलाई समीक्षा बैठक में गुरुवार को सिर्फ 2 अफसर पहुंचे। सीएमओ डा. आरपी यादव कहीं और ‘बिजी’ थे और नगर आयुक्त एनकेएस चौहान शहर के बाहर थे। उन्होंने अपना प्रतिनिधि भी नहीं भेजा। मेडिकल कालेज प्रिंसिपल डा. नवनीत कुमार और उर्सला अस्पताल के निदेशक डा. यू सी सिन्हा बैठक में पहुंचे और उन्हें मंत्री ने हालात सुधारने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया। मंत्री ने दो टूक कहा कि ए2जेड ठीक से सफाई न कराए तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। डेटवार चार्ट बनाकर कीटनाशकों का छिड़काव और फागिंग कराई जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में पंफ्लेट्स बंटवाकर लोगों को जागरूक किया जाए कि यदि बुखार हो तो तुरंत अस्पताल में इलाज कराएं। व्यवस्थाओं में सुधार न हुआ तो अफसर नपेंगे। स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक से शिकायत की जाएगी। उन्होंने डीएम से शुक्रवार तक बुखार से हो रही बच्चों, जवानों, वृद्धों की मौतों का अलग-अलग ब्यौरा तलब किया है।
गुरुवार को पीडब्लूडी गेस्ट हाउस में बुखार की स्थिति की समीक्षा के संबंध में बुलाई गई बैठक में कैबिनेट मंत्री के पूछने पर मेडिकल कालेज प्राचार्य डा.नवनीत कुमार और उर्सला अस्पताल के निदेशक डा.यूसी सिन्हा ने कहा कि ज्यादातर मरीज पहले झोलाछाप के पास जाते हैं। हालत गंभीर होने पर अस्पताल आते हैं। तब तक मरीजों का प्लेटलेट्स काउंट कम होने के साथ ही किडनी, हार्ट, ब्रेन तक प्रभावित होने लगते हैं। उन्होंने दावा किया कि 90 - 95 फीसदी मरीज ठीक हो रहे हैं। वायरस को समझने में दिक्कत आ रही है। लक्षणों के आधार पर भी इलाज कर रहे हैं। बच्चे और बुजुर्ग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से ज्यादा मर रहे हैं। इस पर मंत्री ने असंतोष जाहिर किया। कहा, कि बुखार से नगर और आसपास के जिलों में हो रही मौतों से सरकार की क्षवि खराब हो रही है। इसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दवाओं की कमी हो तो बताएं, स्वास्थ्य मंत्री से कहकर भरपूर दवाएं दिलाई जाएंगी। बुखार का कोई मरीज अस्पताल से बिना इलाज के लौटना नहीं चाहिए। जरूरत पड़े तो टेंट लगवाएं और किराए पर बेड लें। स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद ली जा सकती है। पर इलाज के अभाव में किसी की मौत नहीं होनी चाहिए। वायरल फीवर, मलेरिया, डेंगू, जापानी इंसेफलाइटिस और स्वाइन फ्लू को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इसके लिए 24 घंटे की मोहलत दी जाती है। शुक्रवार तक सुधार नजर आने चाहिए। बाद में उन्होंने पत्रकारों से बताया कि मौजूदा स्थिति से वह खुद चिंतित हैं। जल्द से जल्द स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।



‘क्या शहर को सड़ने देंगे’
बैठक में सीएमओ, नगर आयुक्त और नगर स्वास्थ्य अधिकारी के न आने से गुस्साए मंत्री ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. एलके तिवारी को मोबाइल मिलाकर फटकारा। कहा ‘न फागिंग हो रही है, न छिड़काव, न कूड़ा उठ रहा है। क्या शहर को सड़ने देंगे। ए2जेड कूड़ा नहीं उठा रहा तो उसके खिलाफ एफआईआर कराएं। यदि वह कूड़ा नहीं उठा रहा तो आप क्या कर रहे हैं? आप भी कुछ नहीं कर रहे तो किसकी जिम्मेदारी होगी। ठीक से काम करें। फागिंग, छिड़काव की कापी दें, वरना यादव जी और मंत्री से बात करूं।’ इसी तरह कैबिनेट मंत्री ने सीएमओ से मोबाइल पर कहा ‘बीमारियां और मौतों से शासन की क्षवि बहुत खराब हो रही है। जिस स्तर से प्रयास होने चाहिए, नहीं हो रहे। दवाओं की किल्लत का रोना न रोएं। इतने बड़े अस्पताल हैं, मासूम बच्चे मर रहे हैं, यह हमारे लिए शर्म की बात है। नगर निगम से तालमेल कर फागिंग कराएं। कल तक मैनेज कर लें, फिर बात करूंगा।’

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

17 जनवरी 2018

Related Videos

हमीरपुर में गैंगरेप के बाद जिंदा जलाया, पंचकूला में दरिंदगी

देश में आधा आबादी के खिलाफ अपराध खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार को हरियाणा के पंचकूला और यूपी के हमीरपुर से दो नाबालिग बच्चियों के साथ यौन शोषण के मामले सामने आए हैं।

16 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper