शासन तैनात करेगा पालीटेक्निक में प्रिंसिपल

Kanpur Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
कानपुर। गवर्नमेंट पालीटेक्निक में प्रिंसिपल की नियुक्ति का अधिकार प्राविधिक शिक्षा निदेशालय से छीनकर शासन ने अपने हाथ में ले लिया है। इसे लेकर ही प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा डा. आरसी श्रीवास्तव ने 5 नए प्रिंसिपल को तैनाती दी है। इसकी पुष्टि प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा ने की है।
प्रिंसिपल की नियुक्ति का अधिकार लंबे समय से प्राविधिक शिक्षा निदेशालय के पास था, जिसे 20 सितंबर 2012 को छीन लिया गया है। इसके कोई खास कारण नहीं बताए गए हैं लेकिन इसी का हवाला देते हुए ही 22 सितंबर को 5 नए प्रिंसिपल को तैनाती दे दी गई है। बसंत सिंह यादव को गवर्नमेंट पालीटेक्निक बस्ती का प्रिंसिपल बनाया गया है। गवर्नमेंट पालीटेक्निक फैजाबाद के प्रिंसिपल आनंद सहाय, गवर्नमेंट पालीटेक्निक मैनपुरी के प्रिंसिपल अशोक कुमार, गवर्नमेंट पालीटेक्निक गाजीपुर के प्रिंसिपल पीसी वर्मा और गवर्नमेंट पालीटेक्निक गोंडा के प्रिंसिपल राजेश सरोज बनाए गए हैं।

केंद्र से मांगे 65 करोड़ रुपये
कानपुर। प्रदेश की 78 गवर्नमेंट पालीटेक्निक की लैब, लाइब्रेरी की सुविधा और बेहतर होगी। इसके लिए केंद्र सरकार से करीब 60-65 करोड़ रुपये का बजट मांगा गया है। चंडीगढ़ की एनआईटीटीटीआर की टीम अनुमानित बजट और खर्च का आकलन कर रही है। रिपोर्ट फाइनल होते ही बजट का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया जाएगा। प्राविधिक शिक्षा निदेशक ओपी वर्मा ने बताया कि 17, 18 सितंबर को लखनऊ के गवर्नमेंट पालीटेक्निक में सभी प्रिंसिपल की बैठक हुई थी, इसमें 60 प्रिंसिपल ने अपने संस्थान के कायाकल्प को लेकर बजट की मांग की। 18 अन्य के बजट प्रस्ताव भी मिल गए हैं। ज्यादातर संस्थानों ने 50 लाख से 1 करोड़ रुपये का बजट मांगा है।

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