आईआईटी की भर्तियों में चला जुगाड़

Kanpur Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
संतोष सिंह
कानपुर। आईआईटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति में धांधली का मामला सामने आया है। नियम-कायदे ताक पर रखकर नियुक्तियों के विज्ञापन निकाले गए और ज्यादातर पदों पर संस्थान के अधिकारी, कर्मचारियों को नियुक्ति दे दी। मामले की शिकायत के बाद आईआईटी बोर्ड ऑफ गवर्नर (बीओजी) के चेयरमैन प्रो. एम आनंद कृष्णन ने रजिस्ट्रार और फाइनेंस कंट्रोलर की नियुक्ति पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा है कि अब नए निदेशक की देखरेख में नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
आईआईटी में असिस्टेंट रजिस्ट्रार और डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्तियों के विज्ञापन फरवरी 2012 में निकाले गए थे। इसमें यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की नियमावली और अर्हता का अनुपालन नहीं किया गया। यहां काम कर रहे कर्मचारियों, अधिकारियों को नियुक्ति देने के लिए निर्धारित से ज्यादा पदों के विज्ञापन निकाल दिए गए, जिसपर अब सवाल खड़े हो गए हैं। नानकारी निवासी एक आरटीआई कार्यकर्ता ने आरोप लगाया है कि रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर बनाए जाने वाले अधिकारियों के नाम भी पहले से तय हैं। शिकायतें बीओजी चेयरमैन तक पहुंची तो उन्होंने 4 अगस्त, 2012 को रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर की नियुक्ति पर रोक लगाने का आदेश जारी किया। सूत्रों ने बताया कि डिप्टी रजिस्ट्रार बनने के लिए परास्नातक (एमए, एमएससी, एमकॉम) में 55 फीसदी अंक और असिस्टेंट रजिस्ट्रार पद पर काम करने का 5 साल का अनुभव होना चाहिए। इस मानक का ख्याल डिप्टी रजिस्ट्रार के रूप में मो. शकील की नियुक्ति में नहीं रखा गया। असिस्टेंट रजिस्ट्रार से डिप्टी रजिस्ट्रार बनाए गए मो. शकील ने 1978 में बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी से 37 फीसदी अंकों के साथ एमए किया है। 2009 में तमिलनाडु के सलेम स्थित विनायक मिशन यूनिवर्सिटी से एमफिल किया है, जो परास्नातक की श्रेणी में नहीं आता है। यदि एमफिल की डिग्री को ही चयन का आधार बनाया गया तो भी 5 साल का अनुभव नहीं पाया गया है क्योंकि मो. शकील को अप्रैल 2012 में असिस्टेंट रजिस्ट्रार का सीनियर स्केल मिला था। ऐसे में डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर नियुक्ति गलत है। इसी तरह मनोज कुमार दिवाकर और शरीफ को 2010 में सीनियर स्केल मिला था। नियमानुसार इनकी नियुक्ति भी डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर गलत तरीके से हुई। असिस्टेंट रजिस्ट्रार की नियुक्ति में भी नियम दरकिनार किए गए हैं। 15 सीनियर अधीक्षक ऐसे हैं, जो असिस्टेंट रजिस्ट्रार बन सकते थे। फिर भी उन्हें मौका नहीं मिल सका है।

इनसेट

इन्हेें मिली नियुक्ति

डिप्टी रजिस्ट्रार
मो. शकील, शरीफ, मनोज कुमार दिवाकर और केएन ढाकले

असिस्टेंट रजिस्ट्रार
मनोज कुमार, आरआर दोहरे, सुजय कुमार, पीडी आनंद, अनिल गुनाडे, जे सारंगी (सभी आईआईटी कानपुर के), ओपी श्रीवास्तव (बाहरी), पीके सैनी (बाहरी)

कोट::::::
असिस्टेंट और डिप्टी रजिस्ट्रार की नियुक्ति में नियमों का पालन किया गया है। डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर की कमेटी ने नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की है। फिर भी अगर कोई गड़बड़ी हुई है तो जांच कराई जाएगी। रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर की नियुक्ति पर लगाई गई रोक स्थायी नहीं है। नए निदेशक के आने के बाद रजिस्ट्रार, फाइनेंस कंट्रोलर की नियुक्ति होगी।
डॉ. आरके सचान, कार्यवाहक रजिस्ट्रार, आईआईटी कानपुर




गड़बड़ी-1
क्या है नियम
यूजीसी ने असिस्टेंट रजिस्ट्रार की नियुक्ति के नियम बनाए हैं, जिसके तहत असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 50 फीसदी पद आंतरिक (संस्थान में मौजूद सीनियर अधीक्षक के प्रमोशन से) और 50 फीसदी पद बाहर (आवेदन करने वाले दूसरे संस्थान) के अभ्यर्थियों से भरे जाने चाहिए।

क्या किया गया
असिस्टेंट रजिस्ट्रार के 8 पदों पर नियुक्ति हुई है। इसमें से 6 पदों पर आंतरिक अधीक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो कुल पद का 75 फीसदी हैं। सिर्फ 25 फीसदी यानी 2 असिस्टेंट रजिस्ट्रार बाहरी बनाए गए हैं।

.............................................................

गड़बड़ी-2
क्या है नियम
यूजीसी के नियमों के अनुसार डिप्टी रजिस्ट्रार के 25 फीसदी पद आंतरिक (सीनियर असिस्टेंट रजिस्ट्रार के प्रमोशन से) और 75 फीसदी पद बाहर (आवेदन करने वाले दूसरे संस्थान के अर्ह अभ्यर्थी) से भरे जाने चाहिए।

क्या किया गया
डिप्टी रजिस्ट्रार के सभी 4 पदों पर आंतरिक अधिकारियों को नियुक्त किया गया। एससी कैटेगरी का एक पद बाहरी अभ्यर्थी से भरा जाना था, जिसे आईआईटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार से भर दिया। नियमानुसार जिन 3 पदों को बाहर के अभ्यर्थियोें से भरा जाना था, वहां भी आईआईटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार को डिप्टी रजिस्ट्रार बनाकर भर लिया गया है।

Spotlight

Most Read

Jammu

पाकिस्तान की फायरिंग पोजिशन, बीएसएफ ने दिया मुंहतोड़ जवाब, 15 पाक रेंजर ढ़ेर

सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने पाकिस्तानी गोलाबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया है। पाकिस्तान की कई फायरिंग पोजिशन, आयुध भंडार और फ्यूल डिपो को बीएसएफ ने उड़ा दिया है

22 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: कानपुर में गंगा बैराज में जा गिरी कार और फिर...

वो कहते हैं न जाको राखे साईंया मार सके न कोई। ऐसा ही कुछ कानपुर में सोमवार देखने को मिला। कोहरे कि वजह से एक कार गंगा बैराज में जा गिरी। वहीं मौके पर मौजूद गोताखोरों ने कार सवार सभी लोगों की जान बचा ली है।

22 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper