4 करोड़ डकारने के आरोप में हंगामा

Kanpur Updated Thu, 06 Sep 2012 12:00 PM IST
कानपुर। बेसिक हेल्थ वर्कर की भर्ती के नाम पर चार करोड़ रुपये डकारने का आरोप लगाते हुए इलाहाबाद के युवकों ने बुधवार दोपहर पोस्टमार्टम हाउस पर हंगामा किया। आरोप है पोस्टमार्टम हाउस के एक कर्मचारी के माध्यम से लखनऊ में तैनात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के एक अफसर को यह रकम भेजी गयी थी। लेकिन सरकार ने भर्ती रद कर दी। उधर, अभ्यर्थियों को रकम भी वापस नहीं मिली। अपना पैसा लेने आये युवकों ने पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारियों से गाली-गलौज और हाथापाई की। स्वरूपनगर पुलिस ने उन्हें शांत कराया। युवक रिपोर्ट कराने थाना पहुंचे लेकिन पुलिस ने मामला लखनऊ का बताकर उन्हें टरका दिया। पीड़ितों ने आईजी-डीआईजी से शिकायत की है। इस मामले में बसपा सरकार के एक पूर्व मंत्री का भी नाम आ रहा है।
मामला वर्ष 2009 का है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र में बेसिक हेल्थ वर्कर की तैनाती के लिए 7000 रिक्तियां निकाली थीं। खुद को मानवाधिकार संगठन का जिला उपाध्यक्ष बताने वाले इलाहाबाद के बमरौली निवासी राम विलास पाल के रिश्तेदार पिंटू और धीर सिंह ने भी भर्ती परीक्षा दी। राम विलास के मुताबिक राजू उर्फ संतोष नाम के एक युवक ने भर्ती के नाम पर उनके रिश्तेदारों से चार-चार लाख रुपये लिये। राजू ने उन्हें स्वास्थ्य विभाग लखनऊ में कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात सरवन कुमार वर्मा से मिलाया। सरवन का कहना था कि भर्ती करने वाले स्वास्थ्य विभाग के अफसर का कानपुर में पोस्टमार्टम हाउस में तैनात एक कर्मचारी से घनिष्ठ संबंध है। इसी कर्मचारी के जरिये पिंटू और धीर के अलावा अन्य लोगों का पैसा भी उक्त अफसर तक पहुंचाया गया है। हालांकि, पैसा लेने की जानकारी पर मुख्यमंत्री मायावती ने भर्ती रद कर दी थी। राम विलास का कहना है 104 लोगों से रुपया लिया गया था लेकिन भर्ती रद होने के बाद धीरे-धीरे करके 53 लोगों के करीब एक करोड़ नौ लाख रुपये लौटा दिये गये। 51 लोगों के एक करोड़ 77 लाख रुपये अब भी बाकी हैं। राम विलास ने बताया राजू ने खुद भर्ती परीक्षा दी थी। उसने 25 अभ्यर्थियों का पैसा सरवन को दिलाया। हरदोई के सुरेश गौतम ने पांच अभ्यर्थियों के 18 लाख रुपये और लखनऊ के डालीगंज निवासी रमेश ने दो अभ्यर्थियों के छह लाख रुपये सरवन को दिलाये। कई बार तगादा करने के बावजूद यह रकम वापस न मिलने पर राम विलास कुछ पीड़ितों को लेकर कानपुर आ गया। यहां पोस्टमार्टम हाउस के कर्मचारी से रुपया वापस मांगने को लेकर हाथापाई और मारपीट की। राम विलास ने कहा वह एफआईआर दर्ज कराना चाहते थे लेकिन पुलिस ने लखनऊ का मामला बताकर टरका दिया।
रिटायर सरवन को साथ लाये थे युवक
स्वास्थ्य विभाग में कार्यालय अधीक्षक के पद पर तैनात सरवन जनवरी को रिटायर हो गया था। ठगी के शिकार युवक उसे अपने साथ लाये थे। सरवन ने बातचीत के दौरान लखनऊ, इलाहाबाद, हरदोई सहित अन्य जनपद के लोगों से भर्ती के नाम पर रुपया लेने की बात स्वीकार की। उसने बताया रुपया लेने वाले अफसर का तबादला हो गया है। इस वक्त वह आगरा में तैनात हैं।

युवक भर्ती के नाम पर रुपये ऐंठने का आरोप लगा रहे थे लेकिन उनके पास लेन-देन का कोई सबूत नहीं था। अगर कोई लेन-देन हुआ भी है तो उसका कानपुर से कोई लेना-देना नहीं है। मामला लखनऊ का है इसलिये युवकों को शिकायत भी वहीं करनी चाहिये।
विवेक सिंह, स्वरूपनगर इंस्पेक्टर

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