विज्ञापन
विज्ञापन

पुलिस की गुंडई पर घेरी चौकी

Kanpur Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
कानपुर। नशे में धुत आवास-विकास चौकी के पुलिसकर्मियों ने मंगलवार रात खुलकर दबंगई की। बैंक लोन की रिकवरी न होने पर पुलिसकर्मी 2 अन्य लोगों के साथ इलाके में रह रहे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का मकान खाली कराने पहुंच गए। घर पर अकेली एमआर की पत्नी ने दरवाजा नहीं खोला तो गाली-गलौज की। पड़ोसी आए तो उन्हें भगा दिया। बुधवार सुबह गुस्साए लोगों ने पार्षद के साथ चौकी घेरकर नारेबाजी और हंगामा किया। डीआईजी कानपुर अमिताभ यश ने सीओ को मामले की जांच सौंपी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कल्यानपुर के आवास-विकास 3 में नीरज श्रीवास्तव, पत्नी रीमा और 5 साल के बेटे इशांत के साथ रहते हैं। मंगलवार को नीरज शहर के बाहर थे। बकौल रीमा, रात करीब 12 बजे आवास-विकास चौकी के प्रभारी आरएस वर्मा, सिपाही उदयवीर, दयाशंकर पांडेय 2 लोगों के साथ लग्जरी कार से आए और दरवाजा भड़भड़ाते हुए गाली देने लगे। आरोप है पुलिसकर्मी शराब के नशे में धुत थे। रीमा ने दरवाजा नहीं खोला तो पुलिसकर्मियों ने मकान खाली करने की धमकी दी। शोर सुनकर पड़ोसी अंकित दीक्षित और सर्वेश बिश्नोई आए तो उन्हें भी गालियां देकर भगा दिया गया। इलाकाई लोगों का कहना है पुलिसकर्मियों ने 10 मिनट तक घूम-घूमकर कई मकानों के दरवाजों पर लात मारी और लोगों को फर्जी एनकाउंटर और मुकदमों में फंसाने की धमकी दी। पुलिस के रवैये से गुस्साए कालोनी के सौरभ, अनुराग, प्रमोद, संटू सहित कई लोग सुबह छह बजे ही पार्षद संजय यादव के घर पहुंच गए और धरना दे दिया। कुछ देर में वहां भीड़ जमा हो गई। इसके बाद पार्षद के साथ करीब 500 लोग आवास-विकास चौकी पहुंचे और हंगामा शुरू कर दिया। भीड़ ने पुलिसकर्मियों को निलंबित करने की मांग की। हंगामे की सूचना पाकर कल्यानपुर थाने के कार्यवाहक एसओ महेश चंद्र पांडेय वहां पहुंचे और उन्होंने एसपी ग्रामीण को फोन कर हालात बिगड़ने की आशंका जताई। हालांकि, सीओ को भेजने की जगह उन्होंने एसओ को ही मामला निपटाने को कहकर पल्ला झाड़ लिया। उधर, पार्षद ने डीआईजी अमिताभ यश को फोन करके 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की मांग की। डीआईजी ने सीओ से जांच कराने का भरोसा देकर मामला शांत कराया। पार्षद और इलाकाई लोगों ने कार्यवाहक एसओ को शिकायत पत्र दिया है।

यह है मामला
नीरज श्रीवास्तव ने 4 साल पहले मकान खरीदने के लिए ग्रामीण बैंक की पनकी शाखा से 6 लाख रुपये लोन लिया था। किस्तें न चुकाने के चलते इस साल जनवरी में बैंक ने नीरज को नोटिस भेजी। रीमा का कहना है वकील के माध्यम से बैंक को नोटिस का जवाब दिया गया था। इसके बाद 24 अगस्त को सीधे कोर्ट से मकान खाली करने का आदेश आ गया। मामला कोर्ट में है और पुलिस जबरन दबंगई कर रही है। रीमा ने बताया कि वह घर पर अकेली थीं, यह बात पुलिस जानती थी। बकौल रीमा, मंगलवार दोपहर एक बजे पुलिसकर्मी उसके घर आए और पति के बारे में पूछा था। रीमा का कहना है पुलिसकर्मी उन्हें धमकाकर मकान खाली कराना चाहते हैं।

‘व्यवस्था नहीं संभाल सकते तो छोड़ दो कुर्सी’
पुलिसकर्मियों की शर्मिंदा करने वाली हरकत से डीआईजी रेंज सुनील कुमार गुप्ता खासे नाराज हैं। चौकी के घेराव के दौरान वह पल-पल की जानकारी लेते रहे। मौके पर सीओ का न पहुंचने और टरकाऊ रवैये पर उन्होंने फोन करके एसपी ग्रामीण को डपटा भी। उन्होंने कहा कि अगर व्यवस्था नहीं संभाल सकते हो तो कुर्सी पर क्यों बैठे हो।

Recommended

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।
UP Board 2019

UP Board Class 10th & 12th 2019 की परीक्षाओं का सबसे तेज परिणाम देखने के लिए रजिस्टर करें।

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान
ज्योतिष समाधान

हनुमान जयंती पर नौकरी प्राप्ति, आर्थिक उन्नत्ति, राजनीतिक सफलता एवं शत्रुनाशक हनुमंत अनुष्ठान

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें
लोकसभा चुनाव - किस सीट पर बदले समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पड़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Kanpur

आटो के पलटने से तीन घायल

आटो के पलटने से तीन घायल

18 अप्रैल 2019

विज्ञापन

यहां रहता है जीवीएल नरसिम्हा पर जूता फेंकने वाला इंसान, मां बोली नहीं है मेरा बेटा

भाजपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जीवीएल नरसिम्हा राव और भूपेंद्र यादव पर जूता फेकने से हड़कंप मच गया। जूता फेंकने वाला आरोपी कानपुर के एक बड़े अस्पताल का मालिक बताया जा रहा है। इस रिपोर्ट में जानिए आखिर कौन था जूता फेंकने वाला शख्स।

18 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election