विज्ञापन
विज्ञापन

बधाई की होर्डिग्सि़ में छिपे ट्रैफिक सिग्नल और साइन बोर्ड

Kanpur Updated Thu, 30 Aug 2012 12:00 PM IST
ख़बर सुनें
केस-1 बारादेवी चौराहा पर एक इंटर कॉलेज के विज्ञापन बोर्ड के ठीक ऊपर बसपा नेता सलीम अहमद ने ईद की बधाई वाली होर्डिगिं लगवाई है। कॉलेज वाले होर्डिगिं हटवाने के लिए ठेकेदार पर दबाव डालते हैं, लेकिन बसपा नेताओं से कहने की उनकी हिम्मत नहीं होती।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस-2 शास्त्रीनगर चौकी वाले चौराहे पर बल्ली गाड़कर सपा नगर अध्यक्ष चंद्रेश सिंह की होर्डिगिं लगाई गई है। इस होर्डिगिं की आड़ में सड़क तक सब्जी की दुकान सजी है। न कोई होर्डिगिं हटाता है न सड़क घेरे सब्जी की दुकानवाले को।
केस-3 अर्मापुर निवासी आयुधकर्मी पुनीत खरे ने विजयनगर चौराहा पर सुलभ कांप्लेक्स के पास बाइक खड़ी की तो ट्रैफिक का एक सिपाही डंडा लेकर दौड़ा। पुलिसिया शैली में बोला, अंधे हो क्या, नो पार्किगिं का साइन बोर्ड नहीं दिखता। पुनीत ने इधर-उधर सिर घुमाया तो साइन बोर्ड विधायक अजय कपूर के भाई के बड़े से होर्डिगिं के पीछे दिख गया। अचकचाए पुनीत बोले, साहब मेरी गलती है। साइन बोर्ड देख नहीं पाया।
केस-4 नंदलाल चौराहा पर महापौर बनने पर कैप्टन जगतवीर सिंह द्रोण की जो होर्डिगिं भाजपा के एक पूर्व नेता और एक पार्षद ने लगाई है उससे ट्रैफिक लाइट छिप गई है। रात को इस रास्ते पर चलने वाले लोगों को लाइट नजर ही नहीं आती।
केस-5 कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल के बधाई संदेशों वाले होर्डिगिं तो शहर में जिस तरफ नजर डालिए वहीं मिल जाएंगे। उनके समर्थकों का दावा है कि सबकुछ नियमानुसार है, मगर जहां- तहां बांस गाड़ कर लगाई गई होर्डिग्सि़ सच्चाई खुद बयां कर रही हैं।

विवेक त्रिपाठी
कानपुर। नेताओं के बधाई संदेश वाली होर्डिग्सि़ से हो रही उपरोक्त समस्याएं बानगी भर हैं। शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर ऐसी सैकड़ों होर्डिग्सि़ मुसीबत बनी हैं। इनकी आड़ में ट्रैफिक लाइटें, सिग्नल और साइन बोर्ड छिप गए हैं। कहीं होर्डिग्सि़ की आड़ में लोगों ने अस्थायी दुकानें सजा ली हैं तो कहीं किसी की दुकान ही नजर नहीं आ रही। किसी के मकान का शो बिगड़ रहा है तो कई ऐसे भी हैं, जिन्हें अपनी बालकनी से होर्डिगिं के अलावा कुछ नहीं दिखता। खास बात यह है कि इन होर्डिग्सि़ को लगाने के लिए न ही नगर निगम से इजाजत ली गई है न ही ज्यादातर का शुल्क जमा किया गया है।
अन्य मामलों में भले ही विभिन्न राजनीतिक पार्टी के नेताओं में मतभेद हो, मगर इस मामले में सभी का एक ही सुर है कि हम तो विज्ञापन एजेंसियों की होर्डिग्सि़ उनकी रजामंदी से इस्तेमाल करते हैं। कहीं कोई अवैध होर्डिगिं या बैनर नहीं लगाया। नगर निगम अधिकारियों ने भी आंखें मूद रखी हैं, वे भी नेताओं की भाषा बोलते हैं कि हमने होर्डिग्सि़ का ठेका उठा दिया, नुकसान ठेकेदार का है, वे जानें। हकीकत यह है कि बधाई संदेशों वाले ज्यादातर होर्डिग्स-बैनर मनमाने ढंग से लगाए गए हैं। यहां तक कि ्बिजली के खंभों, ओवरब्रिजों की बाउंड्री को भी नहीं बख्शा गया है। इन होर्डिग्सि़ से शहर की बची-खुची सुंदरता पर भी ग्रहण लगा रहा हैं।
इस मामले में नेता और निगम अधिकारी दोनों सच नहीं बोल रहे हैं, यह साबित करने के लिए किसी बड़े साइंस इंस्ट्रूमेंट की जरूरत नही , शहर का जायजा लीजिए, खुद पता चल जाएगा। अमर उजाला ने मंगलवार और बुधवार को शहर में विभिन्न इलाकों का जायजा लिया और जो हकीकत देखी उसे पाठकों के सामने हुबहू रख रहा है। सड़कों-चौराहों पर हर दस कदम पर चमक रहीं होर्डिग्सि़ से वाहन चालकों और राहगीरों को होने वाली परेशानी को अमर उजाला ने महसूस किया। कई वाकये तो अमर उजाला संवाददाता की आंखों के सामने हुए। कोकाकोला क्रासिंग पर कोयला मंत्री श्रीप्रकाश की होर्डिगिं की वजह से लोगों को वन वे का साइन बोर्ड नहीं दिखता तो नो पार्किगिं और ट्रैफिक के अन्य सिग्नल व साइन बोर्ड भी होर्डिगिं के आगे-पीछे दबे-छिपे हुए हैं। इसमें कई होर्डिग्सि़ नगर निगम की विज्ञापन वाली जगह पर लगे हैं। प्रचार के लिए ठेकेदारों ने कई होर्डिग्सि़ नगर निगम से किराये पर ले रखे हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल नेता कर रहे हैं।




नगर निगम के अधिकतर होर्डिग्सि़ ठेके पर उठा दिए गए । हम ठेकेदार से साल भर का किराया ले लेते हैं। कोई वहां बधाई संदेश लगाता है तो इसे देखने की जिम्मेदारी ठेकेदारों की है क्योंकि नुकसान उनका ही होता है। कुछ जगह ऐसी जरूर हैं जहां नगर निगम विज्ञापन शुल्क वसूलता है। ऐसी जगहों पर होर्डिगिं लगाने से पहले कोई नेता न हमसे अनुमति लेता है न कोई शुल्क देता है। अगर कोई नेता सड़क या चौराहा पर बल्ली या एंगल गाड़कर होर्डिगिं लगाता है तो नगर निगम कार्रवाई करता है।
उमाकांत त्रिपाठी, अपर नगर आयुक्त प्रथम

हम लोग होर्डिगिं लगाते हैं तो सिर्फ तीन-चार दिन के लिए। उसके लिए संबंधित लोगों से रिक्वेस्ट कर लेते हैं। हम व्यक्तिगत रूप से न नगर निगम का नुकसान चाहते हैं न ही किसी का।
सतीश निगम, विधायक

हमने सत्ता में रहकर दुरुपयोग नहीं किया तो अब क्या करेंगे। हमारे कुछ गिने-चुने स्थान हैं। वहां हम जो भी होर्डिगिं लगवाते हैं, उसका संबंधित विज्ञापन कंपनी को भुगतान करते हैं। कोई खुद इधर-उधर होर्डिगिं लगा दे तो जानकारी मिलने पर उसे हटवा भी देते हैं।
मो. सलीम, बसपा

मेरे या मंत्री जी के होर्डिग्सि़ किसी फुटपाथ या सड़क पर नहीं हैं। राष्ट्रीय पर्व या तीज-त्योहार पर हम जो भी होर्डिगिं लगाते हैं विज्ञापन एजेंसियों द्वारा नगर निगम से ली गई जगहों पर ही लगाते हैं। इसके लिए विज्ञापन एजेंसी के मालिक से दस-पंद्रह दिन की सहमति ले लेते हैं।
डॉ. शैलेंद्र दीक्षित, प्रदेश महासचिव, कांग्रेस

विधायक जी तो आउट ऑफ स्टेशन हैं। दिल्ली गए हैं। उनका यहां का मोबाइल तो स्विच ऑफ है। वहां पता नहीं कौन सा नंबर इस्तेमाल कर रहे हैं। मुझे जानकारी नहीं है।
विधायक अजय कपूर से बात करने के लिए उनके आवास के नंबर 0512-2653400 पर कॉल करने पर यह जवाब मिला

हमने कोई होर्डिगिं नहीं लगवाया। कार्यकर्ताओं ने लगवाए होंगे तो उनकी जानकारी नहीं है। राष्ट्रीय पर्व पर एक-दो दिन के लिए कार्यकर्ता होर्डिगिं लगवा देते हैं।
चंद्रेश सिंह, सपा नगर अध्यक्ष

मैंने बधाई संदेश का कोई होर्डिगिं नहीं लगवाया है। दक्षिण को अलग जिला बनाने की मांग लेकर जरूर कुछ होर्डिग्सि़ मैंने लगवाए हैं। चूंकि ये आंदोलन से संबंधित हैं इसलिए न अनुमति ली गई है न ही शुल्क दिया गया है।
बालचंद मिश्रा, पूर्व विधायक

Recommended

UP Board Results देखने के लिए आज ही 8929470909 नंबर पर मिस्ड कॉल करें और फोन पर पाएं परिणाम
UP Board 2019

UP Board Results देखने के लिए आज ही 8929470909 नंबर पर मिस्ड कॉल करें और फोन पर पाएं परिणाम

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए
ज्योतिष समाधान

क्या आप इसका उपयुक्त समाधान नहीं खोज पा रहे हैं? ज्योतिष शास्त्र द्वारा अपने प्रश्न का उत्तर जानिए

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

लोकसभा चुनाव में किस सीट पर बदल रहे समीकरण, कहां है दल बदल की सुगबुगाहट, राहुल गाँधी से लेकर नरेंद्र मोदी तक रैलियों का रेला, बयानों की बाढ़, मुद्दों की पड़ताल, लोकसभा चुनाव 2019 से जुड़े हर लाइव अपडेट के लिए पढ़ते रहे अमर उजाला चुनाव समाचार।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Kanpur

LIVE: बांदा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विजय संकल्प रैली, कुछ ही देर में भरेंगे हुंकार

यूपी के बांदा में कुछ ही देर में प्रधानमंत्री नरेंद्र माेदी की विजय संकल्प रैली शुरू होने वाली है। सूत्रों की माने तों पीएम के रैली स्थल पहुंचने में अभी एक घंटे का समय है।

25 अप्रैल 2019

विज्ञापन

पूर्वा ट्रेन हादसा उजागर कर रहा रेलवे की लापरवाही या फिर है कोई और वजह

उत्तजर प्रदेश के कानपुर के निकट कल रात बड़ा रेल हादसा हो गया। रात करीब 1 बजे तेज धमाका हुआ। इस धमाके के साथ ट्रेन दो हिस्से में बंट गयी। तेज झटके के कारण रात के वक्त गहरी नींद में सो रहे लोगों में दहशत फैल गई।

20 अप्रैल 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree
Election